नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की अहमदाबाद पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सफल बोलीदाता 'गार्डन कोर्ट डिस्टिलरीज' के दावे को खारिज करते हुए होम डेरिवेटिव्स के परिसमापन का निर्देश दिया गया था।
एनसीएलटी ने 'होम डेरिवेटिव्स लिमिटेड' को चालू कारोबार के रूप में खरीदने वाली सफल खरीदार 'गार्डन कोर्ट डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड' की बिक्री के क्रियान्वयन को लागू करने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी।
एनसीएलटी ने यह कहते हुए याचिका खारिज की थी कि भारतीय दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने परिसमापन के दौरान ‘‘किसी कॉरपोरेट देनदार या उसके कारोबार को चालू कारोबार के रूप में बेचने’’ की अनुमति देने वाले प्रावधान हटा दिए हैं।
आईबीबीआई (परिसमापन प्रक्रिया) (द्वितीय संशोधन) विनियम, 2025 को 14 अक्टूबर, 2025 को अधिसूचित किया गया था। इसके तहत अब परिसमापन की स्थिति में संपत्तियों का टुकड़ों में निपटान अनिवार्य कर दिया गया है।
चीनी और एथिल अल्कोहल (रेक्टिफाइड स्पिरिट) का निर्यात करने वाली कंपनी गार्डन कोर्ट डिस्टिलरीज ने इस फैसले को अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी।
भाषा योगेश अजय
अजय