भुवनेश्वर, 10 सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को उन परिस्थितियों की जांच के आदेश दिए जिनके तहत ओरंगुटान के पांच बच्चों को राज्य में लाया गया था। उन्होंने कहा कि ओडिशा को वन्यजीव तस्करी का पारगमन मार्ग (ट्रांजिट रूट) नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पांच दिवसीय दौरे पर गए माझी ने मंगलवार को बालासोर जिले के एक जंगल में ओरंगुटान के पांच बच्चों के पाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की क्योंकि ओडिशा के जंगल में इस जीव का मिलना कोई सामान्य बात नहीं है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि दुबई में व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मुख्यमंत्री ओडिशा में घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि ये जानवर बालासोर कैसे पहुंचे तथा इस घटना की पृष्ठभूमि का पता लगाया जाए।
बयान के अनुसार, माझी ने उन रास्तों की भी जांच के आदेश दिए हैं, जिनका इस्तेमाल इन दुर्लभ जानवरों को ओडिशा लाने में किया गया। इसके अलावा वे राज्य में कैसे पहुंचे, उन्हें लाने में कौन लोग शामिल थे और उन्हें किस उद्देश्य से लाया गया था, इसकी जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
माझी ने कहा, ‘‘ओडिशा को कभी भी विदेशी वन्यजीवों की तस्करी के लिए पारगमन मार्ग नहीं बनने दिया जाएगा। अगर इस अवैध परिवहन में किसी नेटवर्क के शामिल होने का पता चलता है, तो उसकी पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश