कानपुर, 10 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी की हत्या के पांच दिन बाद आरोपी बहू के परिवार ने बृहस्पतिवार को पुलिस के उस आरोप को खारिज कर दिया, जिसमें उसे कथित तौर पर हत्या की साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया गया है।
आरोपी बहू शालू के बड़े भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस के आरोपों पर विश्वास करना मुश्किल है।
अरोड़ा ने कहा कि शालू के अपने ससुर विनीत मनोचा के साथ अच्छे संबंध थे और वह उनके खाने-पीने तथा रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखती थी। उन्होंने शालू के पति सुब्रत मनोचा की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हत्या के बाद से परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस सुब्रत की भूमिका की भी जांच कर रही है, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है।
लाल ने कहा, ‘‘ सुब्रत को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही इस मामले में आरोपी बनाया गया है।’’
उन्होंने बताया कि उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य खुफिया जानकारियों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शालू कथित रूप से हत्या की योजना बनाते समय कथित सुपारी हत्यारों विशाल गौतम और राज किशोर के संपर्क में कैसे रही और उसके पति को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘‘यदि जांच में सुब्रत की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’
पुलिस का आरोप है कि शालू ने विशाल और राज किशोर को फ्लैट में प्रवेश कराने और अपने बेडरूम में छिपाने की व्यवस्था की थी। इसके बाद वह सुब्रत के साथ किटी पार्टी में चली गई थी। पुलिस के अनुसार, दंपति रात करीब साढ़े 10 बजे पार्टी में पहुंचे और सुबह करीब तीन बजे घर लौटे, जहां उन्हें विनीत का शव मिला।
पुलिस शालू के किटी पार्टी में नाचने के कथित वीडियो की भी जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ये वीडियो हत्या वाली रात के हैं या नहीं।
लाल ने बताया, ‘‘हम शालू और विशाल के बीच हुई बातचीत की भी जांच कर रहे हैं। जब्त मोबाइल फोन से डेटा बरामद किया गया है और हटाए गए संदेशों को वापस हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।’’
पुलिस के अनुसार, शालू और विशाल के बीच एक मई से हत्या वाले दिन तक 49 संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था, जिन्हें मिटा दिया गया। इस अवधि में दोनों के बीच 309 बार फोन पर बातचीत भी हुई थी।
शालू के वकील शिवकांत दीक्षित ने कहा कि किटी पार्टी दवा कारोबार से जुड़े लोगों की नियमित बैठक थी और यह कोई 'हाई सोसाइटी पार्टी' नहीं थी।
दवा कारोबारी विनीत मनोचा (60) की पांच सितंबर को कानपुर स्थित उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे सुब्रत की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की जांच जारी है।
भाषा
सं, जफर रवि कांत