बेंगलुरु, 10 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत प्रदेश की ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 2,186.20 करोड़ रुपये की राशि कथित रूप से रोके जाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने का फैसला लिया है।
खंड्रे ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में बैठक की। उन्होंने 2025-26 के लिए राज्य की ग्राम पंचायतों को आवंटित धनराशि जारी करने से केंद्र के इनकार पर नाराजगी जताई।
खंड्रे ने कहा कि बैठक में केंद्र के फैसले को चुनौती देने के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक कम बारिश की वजह से इस साल सूखे जैसे हालात का सामना कर रहा है और 710 गांवों में पीने के पानी की कमी की खबर है।
खंड्रे ने कहा, “अभी 149 गांवों में टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, जबकि पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए 561 निजी बोरवेल किराये पर लिए गए हैं।”
उन्होंने कहा, “किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई इलाकों में बोए गए बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में राज्य के हिस्से की निधि के वाजिब भाग को रोकने के केंद्र के फैसले पर अदालत में सवाल उठाए जाएंगे। बैठक में इस संबंध में कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई।”
भाषा पारुल अविनाश
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