Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

सिंदारोव खिताब के प्रबल दावेदार लेकिन गुकेश के पास अपना खिताब बचाने की क्षमता : कार्लसन

बेंगलुरु, 10 सितंबर (भाषा) विश्व के नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन का मानना है कि उज्बेकिस्तान के चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव आगामी विश्व चैंपियनशिप खिताब के प्रबल दावेदार हैं लेकिन उन्होंने कहा कि डी गुकेश को अपने खिताब के बचाव को बोझ की तरह नहीं लेना चाहिए और मौजूदा चैंपियन के पास ‘हासिल करने के लिए सब कुछ’ है।

गुकेश आगामी विश्व शतरंज चैंपियनशिप में सिंदारोव की चुनौती का सामना करेंगे। यह मुकाबला 24 नवंबर से 12 दिसंबर तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में खेला जाएगा।

यहां ग्लोबल चेस लीग के इतर कार्लसन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बचाव शब्द से शुरुआत करना वास्तव में सही नहीं है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में गुकेश ने जिस तरह का खेल दिखाया है उसके आधार पर उन्हें किसी चीज का बचाव करने की स्थिति में नहीं होना चाहिए। उन्हें ऐसी स्थिति में होना चाहिए जहां उनके पास हासिल करने के लिए सब कुछ हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने 2024 में पहले भी दिखाया है कि जब चीजें उनके पक्ष में होती हैं तो उनमें बेहद ऊंचे स्तर पर खेलने की क्षमता है। मुझे नहीं लगता कि बहुत से लोग मानते हैं कि वह अब ऐसा कर पाएंगे लेकिन मेरे विचार से उनके लिए उस स्तर पर फिर से लौटने की कोशिश करना और भी दिलचस्प चुनौती है।’’

कार्लसन ने कहा, ‘‘शतरंज काफी हद तक मानसिक खेल है इसलिए सिंदारोव के मन में कुछ संदेह पैदा करने और गुकेश का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास की जरूरत नहीं होगी। जाहिर तौर पर मौजूदा स्थिति में इसमें कोई सवाल नहीं है कि सिंदारोव प्रबल दावेदार हैं।’’

कार्लसन ने कहा कि गुकेश को शुरुआत से ही पहल करनी होगी जिससे कि सिंदारोव को दबाव में रखा जा सके।

अपने व्यक्तिगत करियर के बारे में बात करते हुए कार्लसन ने कहा कि अब वह क्लासिकल शतरंज की तुलना में रैपिड शतरंज को अधिक पसंद करते हैं और पिता बनने के बाद उन्होंने क्लासिकल प्रारूप से दूर रहने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिता बनने के बाद यह बात मेरे लिए और भी पक्की हो गई कि मैं क्लासिकल विश्व चैंपियनशिप में कभी वापस नहीं लौटूंगा। मुझे शतरंज की बहुत सी चीजें पसंद हैं। ऐसे बहुत से टूर्नामेंट हैं जिन्हें मैं पसंद करता हूं। क्लासिकल, खासकर नियमित टूर्नामेंटों में क्लासिकल शतरंज होता है। शायद लगातार नहीं, लेकिन कभी-कभार खेलूंगा।’’

भाषा सुधीर नमिता

नमिता