चंडीगढ़, 10 सितंबर (भाषा) पंजाब में गुलजार सिंह की आत्महत्या से उत्पन्न राजनीतिक विवाद के बाद उनके परिवार ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रशासन ने उसकी मर्जी के बिना ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
परिवार ने कहा कि जब तक उसे इस मामले में न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह पारंपरिक ‘भोग’ आयोजित नहीं करेगा और अस्थियां भी एकत्र नहीं करेगा।
संगरूर जिले में दिरबा के 47 साल के गुलज़ार सिंह ने सोमवार रात कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
उनके परिवार का आरोप है कि रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान इलाके में नशीले पदार्थ की आपूर्ति के बारे में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने पर उन्हें परेशान किया गया और उनपर जातिसूचक टिप्पणियां की गयीं।
बृहस्पतिवार को जारी एक कथित वीडियो में, गुलज़ार सिंह के बेटे शाहबाज़ ने दावा किया कि उसके पिता का अंतिम संस्कार ‘जबरदस्ती’ किया गया और उसके भाई को गुमराह करके शव का अंतिम संस्कार करवाया गया।
शाहबाज ने कहा, ‘‘हम अपील करते हैं कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम न तो 'भोग' (पारंपरिक रस्म) का आयोजन करेंगे और न ही उनकी अस्थियां इकट्ठा करेंगे।’’
गुलजार सिंह के दूसरे बेटे, लखविंदर सिंह ने भी दावा किया कि प्रशासन ने परिवार की सहमति के बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
परिवार का दावा है कि शव को अंतिम संस्कार के लिए घर लाने के बजाय सीधे श्मशान घाट ले जाया गया।
परिवार ने मांग की कि वित्त मंत्री चीमा और उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिनका नाम सिंह ने मरने से पहले लिया था।
अंतिम संस्कार के दिन, लखविंदर ने दावा किया था कि उसके भाई को सरकारी नौकरी दी जाएगी और परिवार इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है।
गुलज़ार सिंह के परिवार के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद तरुण चुघ ने आप सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि ‘आम आदमी पार्टी का शर्मनाक, धोखेबाज़ और घिनौना चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।’
चुघ ने कहा, ‘‘भगवंत मान के अयोग्य अधिकारियों ने दावा किया कि दलित मज़दूर गुलज़ार सिंह का अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से किया गया, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसकी इच्छा और सहमति के बिना ज़बरदस्ती अंतिम संस्कार किया।’’
उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब पूछ रहा है कि चीमा को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चीमा के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने परिवार की ‘मर्जी के खिलाफ’ गुलज़ार सिंह का अंतिम संस्कार करवाकर परिवार को ‘अपमानित’ किया।
वडिंग ने इस घटना को लेकर चीमा और मुख्यमंत्री भगवंत मान, दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जले पर नमक छिड़कने जैसा है यह हरकत। आपराधिक तौर पर बेरहम और घमंड के कारण असंवेदनशील हैं वे।’’
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने गुलज़ार के शव के ‘ज़बरदस्ती अंतिम संस्कार’ के लिए मान को ज़िम्मेदार ठहराया तथा कहा कि दुख की घड़ी में परिवार को और ज़्यादा अपमानित किया गया।
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी आत्महत्या के मामले को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा और कहा, ‘अंतिम संस्कार के लिए गुलज़ार के परिवार की सहमति नहीं ली गई थी। यह जल्दबाजी में किया गया।’
उन्होंने लिखा,‘‘आज गुलज़ार के पूरे परिवार ने आप की पंजाब इकाई की पोल खोल दी है।’’
भाषा राजकुमार रंजन
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