नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह को न्याय दिलाने का संकल्प लिया और कहा कि आजकल यह एक तरह का फैशन बन गया है कि यदि कोई शक्तिशाली है तो वह हिंसक और अहंकारी हो सकता है तथा अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता है।
उन्होंने यह टिप्पणी मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह के सम्मान में आयोजित एक स्मृति कार्यक्रम में कही। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा का जवाब गुस्से और नफरत से नहीं, बल्कि अपनी बात मजबूती से रखने और उस विचार के समर्थन से दिया जाना चाहिए, जिसमें व्यक्ति विश्वास करता है।
विक्रम सिंह की दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में बीते रविवार को कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘यह एक त्रासदी है कि एक युवा व्यक्ति की हत्या कर दी गई। यह भी त्रासदी है कि उन पर इसलिए हमला किया गया कि उनका ताल्लुक किसी क्षेत्र (मणिपुर) से था। यह मणिपुर के लोगों के लिए भी त्रासदी है।’’
उनका कहना था कि घटना में हिंसा, नफरत और अहंकार था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘आजकल यह एक तरह का फैशन बन गया है कि अगर आप शक्तिशाली हैं तो आप हिंसक हो सकते हैं। अगर आप शक्तिशाली हैं तो आप अहंकारी हो सकते हैं और किसी तरह आप वह सब कर सकते हैं, जो आपका मन करे।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति का जवाब गुस्से या नफरत से नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर ‘‘हम वही कर रहे होंगे, जो विक्की (विक्रम) के साथ किया गया।’’
गांधी ने कहा कि इसका जवाब अपनी बात व्यक्त करके, अपने विचार का समर्थन करके, अपनी प्रतिभा दिखाकर और यह कहकर दिया जाना चाहिए कि ‘‘हम इस बकवास को स्वीकार नहीं करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह का जाना एक त्रासदी है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में न्याय मिलेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम हिंसा के सामने नहीं झुकेंगे। यह कोई अकेली घटना नहीं थी। कभी हत्या होती है, कभी अपमान होता है। यह देश में हो रहा है। यह पूर्वोत्तर के लोगों और कई दूसरे समुदायों के साथ हो रहा है। हम इसका मुकाबला करेंगे।’’
इससे पहले, गांधी ने ‘एक्स’ पर विक्रम सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा था कि उनका संगीत और उनकी भावना उन सभी लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी, जिन्हें उन्होंने प्रभावित किया। उन्होंने कहा था कि वह दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के साथ खड़े हैं।
कांग्रेस नेता ने घटना के बाद विक्रम सिंह के भाई से फोन पर भी बात की थी और न्याय की लड़ाई में सहयोग का भरोसा दिलाया था। उन्होंने दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से सवाल भी किए थे।
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह भी स्मृति कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
इबोबी सिंह ने दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति कथित भेदभाव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘दिल्ली में पूछा जाता है कि आप नेपाल से हैं?, चीन से हैं? फिर हमें यह बताना पड़ता है कि हम मणिपुर से हैं और यह भारत का हिस्सा है।’’
उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध और पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति इस तरह के रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और कई अन्य नेता तथा पूर्वोत्तर से जुड़े लोग शामिल हुए।
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