चंडीगढ़, 10 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार वरिष्ठ नेताओं ने बृहस्पतिवार को पंजाब के उस दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
संगरूर जिले के दिरबा निवासी 47 वर्षीय दलित व्यक्ति सिंह की सात सितंबर की रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी। उनके परिवार का कहना है कि छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर सवाल किया था।
भाजपा नेताओं ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।
भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने कहा कि गुलजार सिंह के परिवार का दावा है कि उनका अंतिम संस्कार ‘‘जबरन’’ कर दिया गया।
इससे पहले भाजपा ने दावा किया था कि संगरूर जिले के तुरनबंजारा गांव में परिवार से मिलने जाते समय आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ढिल्लों के वाहन पर ‘‘हमला’’ किया।
‘आप’ कार्यकर्ताओं ने ढिल्लों के वाहन को घेर लिया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने भाजपा से मामले में राजनीति नहीं करने को कहा।
भाजपा नेताओं सुनील जाखड़ और अश्विनी शर्मा ने पुलिसकर्मियों से रास्ता खाली कराने को कहा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पुलिस से सवाल किया।
जाखड़ को एक पुलिसकर्मी से यह कहते हुए सुना गया, ‘‘यदि मुझे कुछ होता है तो मैं आपको जिम्मेदार ठहराऊंगा।’’
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाये।
ढिल्लों, जाखड़, शर्मा और पार्टी नेता मनप्रीत सिंह बादल ने गुलजार सिंह के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया।
ढिल्लों ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि परिवार ने दावा किया है कि गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार ‘‘जबरन’’ किया गया।
ढिल्लों ने कहा कि गुलजार ने सिर्फ अपने गांव में मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका बेटा नशे का आदी था।
उन्होंने कहा कि गुलजार को इस हद तक धमकाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है।
ढिल्लों ने कहा, ‘‘अब मैं पूछना चाहता हूं कि अगर गुलजार सिंह ने सवाल पूछा तो उन्होंने कौन-सा गुनाह कर दिया।’’
पंजाब भाजपा प्रमुख ने नशे के मुद्दे को लेकर ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन को रोक दिया था और बड़ी मुश्किल से वह भीड़ से बाहर निकल पाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ‘‘मूकदर्शक’’ बनी रही।
यह पूछे जाने पर कहा कि क्या उन्हें परिवार से मिलने से रोका गया था तो उन्होंने कहा, ‘‘यह तानाशाही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की आपूर्ति रोकने में नाकाम रहने के बाद अब सरकार ने लोगों की आवाज दबाने का रास्ता अपना लिया है।
भाजपा नेता मनप्रीत बादल ने कहा कि उनकी पार्टी परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
सिंह के अंतिम क्षणों का कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें वह चीमा से अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते दिख रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा था कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह भी बताया था कि उनका बेटा भी नशे का आदी है।
यह वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को घेरा और मामले की जांच तथा चीमा के इस्तीफे की मांग की।
सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश