चंडीगढ़, 10 सितंबर (भाषा) चंडीगढ़ में अब हर किरायेदारी समझौते की जानकारी दो महीने के अंदर ऑनलाइन किराया प्राधिकरण को देनी होगी। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को जारी नए किरायेदारी नियमों के तहत मकान मालिकों और किरायेदारों को सात दिनों के अंदर सरकार की तरफ से एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन) मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश किरायेदारी नियम, 2026 का उद्देश्य किरायेदारी व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी लाना है। इसमें किरायेदारी समझौतों का पंजीकरण, किराये में संशोधन, संपत्ति का कब्जा वापस लेने और विवादों के निपटारे से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
इन नियमों में किरायेदारी से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था का प्रावधान किया गया है, जिसमें किराया प्राधिकरण, किराया अदालत और किराया न्यायाधिकरण शामिल हैं।
बृहस्पतिवार को अधिसूचित ये नियम चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के पूरे क्षेत्र में लागू होंगे।
नए प्रावधानों के तहत मकान मालिक और किरायेदार को हर किरायेदारी समझौते का विवरण संयुक्त रूप से या अलग-अलग ऑनलाइन माध्यम से समझौता होने के दो महीने के भीतर किराया प्राधिकरण को देना होगा।
जानकारी मिलने के बाद किराया प्राधिकरण सात दिन के भीतर पक्षकारों को ई-रसीद के रूप में यूआईएन जारी करेगा। यह यूआईएन उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पते पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जाएगा।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश