Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

दिल्ली इमारत हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में छात्रावासों और कोचिंग केंद्रों का होगा सुरक्षा ऑडिट

रायपुर, 10 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को राज्य में छात्रावासों, पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों, कोचिंग केंद्रों, स्कूलों और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण करने तथा सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छह सितंबर को हुई इमारत ढहने की घटना में मारे गए सात लोगों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का 20 वर्षीय छात्र भी शामिल था।

मुख्यमंत्री ने यहां अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संभागीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार साय ने बैठक में कहा, ‘‘

प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। संभावित खतरों की पहले से पहचान करना और उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है। सभी जिलों में छात्रावासों, पीजी, कोचिंग केंद्रों, स्कूलों और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट किया जाना चाहिए। ’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाई जाएं, वहां तय समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को व्यक्तिगत रूप से इस अभियान की नियमित निगरानी करने तथा निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।

साय ने अधिकारियों को स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थित पुराने और जर्जर भवनों की स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन भवनों की स्थिति जोखिमपूर्ण है या जिनसे मानव जीवन को खतरा हो सकता है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से बच्चों और छात्रों की आवाजाही वाले संस्थानों में शिकायत या दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय लगातार निगरानी की जरूरत है।

इस बैठक में साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को अवैध तथा मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।

भाषा

संजीव रवि कांत