रांची, 10 सितंबर, (भाषा) झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने बृहस्पतिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सरकार पर नौकरियां ‘‘बेचने’’ का आरोप लगाया और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने की मांग की।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि नौकरी के अभ्यर्थियों को डराने-धमकाने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं।
मरांडी ने पार्टी के चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन के तहत साहिबगंज जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया, ‘‘झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार रेत, पत्थर और जमीन की लूट में लगी हुई है। वे राज्य के युवाओं की नौकरियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं और अपनी तिजोरी भरने के लिए उन्हें बेच रहे हैं। सरकार भर्ती परीक्षा घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने से डर रही है, क्योंकि इससे उनका पर्दाफाश हो सकता है।’’
झारखंड भाजपा ने मंगलवार को चार दिन का चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था, जिसमें भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 26 दिन के आंदोलन के दौरान नौकरी के उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की गई।
पार्टी इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग कर रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को छह ज़िलों -साहिबगंज, धनबाद, गुमला, चाईबासा, चतरा और लातेहार- के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साहिबगंज में मरांडी ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि धनबाद में विधायक राज सिन्हा ने प्रदर्शन की अगुवाई की।
मरांडी ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार छात्रों के ख़िलाफ़ मामले वापस नहीं ले लेती और भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच की सिफ़ारिश नहीं करती।
गत 23 अगस्त को रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में विरोध मार्च के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच हुई झड़पों के बाद, 50 से ज़्यादा नामज़द और 1,100 से ज़्यादा अज्ञात प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कम से कम छह प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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