Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

इस साल का अगस्त माह वर्ष 2023 के जुलाई के साथ संयुक्त रूप से अब तक का सबसे गर्म महीना रहा

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) यूरोपीय जलवायु वेधशाला ‘‘कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस’’ (सी3एस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस साल का अगस्त महीना 2023 के जुलाई माह के साथ संयुक्त रूप से अब तक का सबसे गर्म महीना दर्ज किया गया है।

सी3एस ने कहा कि अगस्त महीने के दौरान वैश्विक औसत तापमान औद्योगीकरण-पूर्व के अनुमानित स्तर से 1.65 डिग्री सेल्सियस अधिक था। नवंबर 2025 के बाद पहली बार वैश्विक मासिक औसत तापमान औद्योगीकरण-पूर्व औसत से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया।

तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन के जलने से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन और उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में ‘अल नीनो’ स्थितियों के कारण ‘ग्लोबल वार्मिंग’ है।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के कार्यकारी सचिव साइमन स्टिल ने एक बयान में कहा, ‘‘जब तक भारी मात्रा में कोयला, तेल और गैस का उपयोग बंद नहीं कर दिया जाता, तब तक इससे होने वाला प्रदूषण हमारे ग्रह को झुलसाता रहेगा। अत्यधिक गर्मी रिकॉर्ड तोड़ती रहेगी, लाखों लोगों की जान जाएगी और खरबों का नुकसान होगा, परिवहन और स्वास्थ्य प्रणालियों पर असर पड़ेगा, भोजन जैसी घरेलू बुनियादी चीजों की कीमतें बढ़ेंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सबूत अकाट्य हैं: यह मानवता द्वारा जीवाश्म ईंधन के उपयोग की बढ़ती कीमत है, और यह वैश्विक जलवायु संकट को बढ़ावा दे रहा है।’’

सी3एस ने इस बात को भी रेखांकित किया कि इस साल अगस्त में ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर औसत समुद्री सतह का तापमान 21.07 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जो 2023 में अगस्त के 20.98 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया।

वेधशाला ने कहा कि उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में मजबूत ‘‘अल नीनो’’ विकसित हो रहा है, जिससे महासागर में गर्मी बढ़ रही है जो पहले से ही मानव के कारण जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप कई दशकों से गर्म हो रहा था।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश