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एटीएम से नकदी नहीं निकलने पर ग्राहक को 49,600 रुपये देने का बैंक को दिया आदेश

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली के एक उपभोक्ता आयोग ने एटीएम से नकदी निकासी में खाते से रुपये कटने के बावजूद पैसे नहीं निकलने के मामले में पंजाब एंड सिंध बैंक को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को 10,000 रुपये वापस करे।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक को ग्राहक के खाते से काटी गई 10,000 रुपये की राशि वापस करने के साथ ही असफल लेनदेन राशि को समय पर वापस नहीं करने के लिए 29,600 रुपये का मुआवजा, मानसिक तनाव और उत्पीड़न के लिए 10,000 रुपये तथा मुकदमा खर्च के लिए 10,000 रुपये देने के भी निर्देश दिए। यानी ग्राहक को कुल 49,600 का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।

आयोग के अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ जितेंद्र सिंह की शिकायत पर सुनवाई कर रही थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि एटीएम से नकदी नहीं निकलने के बावजूद उसके खाते से राशि काट ली गई।

आयोग ने 27 अगस्त को दिए आदेश में कहा, ‘‘निर्धारित अवधि के भीतर राशि वापस नहीं करना सेवा में खामी है। शिकायतकर्ता को अपने ही पैसे के इस्तेमाल से वंचित रहना पड़ा और उसे बार-बार बैंक के पास जाना पड़ा, लिखित शिकायतें देनी पड़ीं तथा आयोग के समक्ष मामला उठाना पड़ा।’’

जितेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में कहा था कि पांच दिसंबर, 2022 को उन्होंने गाजियाबाद स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से 10,000 रुपये निकालने का प्रयास किया था। लेनदेन पूरा होने और संदेश मिलने के बावजूद एटीएम से नकदी नहीं निकली, जबकि पंजाब एंड सिंध बैंक के खाते से राशि कट गई थी।

पंजाब एंड सिंध बैंक ने आयोग को बताया कि उसने शिकायत दर्ज कर इसे एक्सिस बैंक को भेजा था, लेकिन एक्सिस बैंक ने लेनदेन सफल होने का हवाला देते हुए इसे खारिज कर दिया। इसके बाद मामला एटीएम सेल/मध्यस्थता के पास भेजा गया, जहां इसे फिर खारिज कर दिया गया।

पीठ ने कहा कि अगर देरी के लिए दूसरा बैंक जिम्मेदार है तो जारीकर्ता बैंक आपसी व्यवस्था के तहत उससे राशि या मुआवजा वसूल सकता है, लेकिन बैंकों के बीच का विवाद ग्राहक के अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकता।

आयोग ने बैंक को इस राशि का भुगतान 45 दिन के भीतर करने का निर्देश दिया, ऐसा न करने पर बकाया राशि पर चूक की तारीख से वसूली होने तक नौ प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज लगेगा।

भाषा यासिर अजय

अजय