भद्रक, 10 सितंबर (भाषा) ओडिशा पुलिस ने, खुद को राज्य के कुछ मंत्रियों का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से 42 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ओडिशा के भद्रक जिले के चुडाकुटी के जगन्नाथ बहालिया ने कथित तौर पर वरिष्ठ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवाओं को यह यकीन दिलाया कि उसकी मजबूत राजनीतिक पहुंच है।
उन्होंने बताया कि बहालिया दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के निजी सचिव तक पहुंच है।
कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब पड़ोसी बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किशोर मोहापात्रा ने सोमवार को बहालिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
मोहापात्रा ने आरोप लगाया कि बहालिया ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 10 लाख रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।
भद्रक टाउन थाने के प्रभारी प्रभांशु मिश्रा ने बताया, 'शिकायत मिलने के बाद हमने आरोपी की तलाश शुरू की। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और पश्चिम बंगाल के दीघा भाग गया, जहां उसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।'
पुलिस ने बताया कि भद्रक शहर के जगन्नाथपुर स्थित उसके किराए के मकान से कथित तौर पर एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें बड़ी रकम के लेनदेन का ब्योरा दर्ज है।
उसने बताया कि मंत्रियों और उनके पीए की तस्वीरों समेत कई दस्तावेज और कथित फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, बहालिया ने नौकरी के इच्छुक कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी।
उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद, बालासोर, कटक और अन्य इलाकों के कथित पीड़ितों ने शिकायतें लेकर पुलिस से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि बहालिया के खिलाफ कटक में भी इसी तरह का एक मामला लंबित है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, उनसे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बहालिया के ओडिशा के बाहर भी संपर्क थे, जिनमें दीघा और झारखंड का धनबाद शामिल हैं।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश