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भाजपा विधायक के स्कूल ने छात्रों से पर्यूषण के दौरान जड़ वाली सब्जियों से परहेज करने को कहा

ठाणे, 10 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक भाजपा विधायक के स्वामित्व वाले स्कूल द्वारा छात्रों को जैन समुदाय के पर्यूषण त्योहार के दौरान खाने में प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर जैसी जड़ वाली सब्जियां नहीं लाने की सलाह देने के बाद विवाद पैदा हो गया है और मनसे ने इस कदम पर सवाल उठाया है।

मीरा भयंदर के विधायक और सेवन स्क्वायर अकादमी के मालिक नरेंद्र मेहता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संदेश सिर्फ एक अनुरोध था और यह कोई अनिवार्य आदेश नहीं है।

यह विवाद उस समय पैदा हुआ जब मीरा रोड इलाके में स्थित स्कूल ने अपने आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर एक संदेश भेजकर अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे पर्यूषण पर्व के दौरान अपने बच्चों के लंचबॉक्स में जड़ वाली सब्जियां नहीं भेजें।

परामर्श में यह भी कहा गया है कि आठ दिनों की पवित्र अवधि के दौरान, स्कूल कैंटीन में प्याज, लहसुन और आलू के बिना तैयार भोजन परोसा जाएगा।

इस बारे में कुछ अभिभावकों द्वारा पार्टी को अवगत कराने के बाद राज ठाकरे नीत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस संदेश पर आपत्ति जताई।

स्थानीय मनसे नेता सचिन पोफले ने इस कदम की निंदा की और सवाल उठाया कि स्कूल यह कैसे ‘निर्देश’ दे सकता है कि बच्चों को अपने खाने में क्या ले जाना चाहिए।

पोफले ने आरोप लगाया, ‘‘आज, सरकार, नगर निगम के मेयर और अब स्कूल प्रशासन यह तय करने का प्रयास कर रहे हैं कि हमारे बच्चे अपने टिफिन में क्या ले जाएं।'

उन्होंने कहा कि मनसे ने आगे की कार्रवाई के लिए यह मामला स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के पास भेजा है।

हालांकि, विधायक मेहता ने आरोपों को खारिज कर दिया और राजनीति दलों से त्योहार का राजनीतिकरण नहीं करने का आग्रह किया।

व्हाट्सएप संदेश के पीछे के इरादे को स्पष्ट करते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पर्यूषण एक पवित्र त्योहार है जो अहिंसा और सभी जीवित प्राणियों के लिए करुणा पर केंद्रित है। स्कूल द्वारा भेजा गया संदेश केवल माता-पिता के लिए एक अनुरोध था, कोई अनिवार्य आदेश नहीं। हमने बस छात्रों और अभिभावकों से स्वस्थ भोजन की आदतों के तहत इन आठ दिनों के लिए गैर-आवश्यक या अस्वास्थ्यकर वस्तुओं को पैक कर भेजने से परहेज करने को कहा।’’

मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि इस पहल का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और स्वास्थ्य जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश