Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

भाजपा विधायक अनिल शर्मा सत्य निकेतन इलाके की पीजी इमारत के दस्तावेज सार्वजनिक करें: भारद्वाज

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अनिल शर्मा से कहा कि सत्य निकेतन इलाके में ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) इमारत हादसे के बाद उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए जिन दस्तावेजों का प्रदर्शन किया था उन्हें सार्वजनिक करें।

शर्मा ने एक दिन पहले प्रेस वार्ता में रजिस्ट्री और भवन से जुड़े दस्तावेज दिखाकर सत्य निकेतन इलाके में पीजी आवास मुहैया कराने वाली इमारत से संबंधित हादसे से जुड़े आम आदमी पार्टी (आप) के आरोपों को खारिज कर दिया था। इस हादसे में सात लोगों की हो गई थी।

भारद्वाज ने कहा कि केवल रजिस्ट्री के कागजात दिखा देना पर्याप्त नहीं है और शर्मा को इन्हें सार्वजनिक मंच पर साझा करना चाहिए, ताकि जमीन के विवरण और रजिस्ट्री में शामिल क्षेत्रफल की जांच की जा सके।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘रजिस्ट्री इस तरह नहीं दिखाई जाती। कृपया रजिस्ट्री को सार्वजनिक करें। हमें भी देखने दें कि इसमें कितने वर्ग गज जमीन शामिल है और रजिस्ट्री किस जमीन की है।’’

दिल्ली सरकार के प्रवक्ता और भाजपा विधायक शर्मा ने बुधवार को कहा था कि जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की थी और उन्होंने दस्तावेज दिखाए थे।

उन्होंने कहा था कि यह संपत्ति खरीदी हुई नहीं बल्कि उनकी पैतृक जमीन है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं से माफी मांगने की मांग की और ऐसा नहीं करने पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी थी।

शर्मा उसी आरके पुरम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसके तहत सत्य निकेतन इलाका आता है। शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा था कि संबंधित इमारत चार मंजिला है और इसमें ‘स्टिल्ट पार्किंग’ है।

आप नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही इस व्यावसायिक इमारत को नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) से जरूरी मंजूरियां प्राप्त थीं?

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपने नक्शा मंजूर कराने के बाद इमारत का निर्माण कराया है तो हमें स्वीकृत नक्शा दिखाइए। यदि इसका इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था तो आपके पास पूर्णता प्रमाणपत्र और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र भी होगा।’’

भारद्वाज ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि शर्मा कहां रहते हैं, बल्कि यह है कि क्षेत्र में अनधिकृत पीजी आवासों का निर्माण और संचालन कैसे हो रहा है?

उन्होंने कहा, ‘‘यह पीजी का मामला है। सवाल यह है कि अनधिकृत और अवैध पीजी का निर्माण कैसे किया जा रहा है?’’

भाषा

संतोष नरेश

नरेश