नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल टी. एस. संधू ने छात्रों के लिए आवासीय सुविधाओं में मांग और आपूर्ति के अंतर का आकलन करने तथा उनके आवास के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अंतर-एजेंसी समिति में मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) आयुक्त, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के उपाध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू), गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू), आंबेडकर विश्वविद्यालय तथा नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) के कुलपति शामिल हैं। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस 18 सदस्यीय समिति के सदस्य होंगे। शिक्षा सचिव इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
संधू ने सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान समिति के गठन का निर्देश दिया था। यह कदम सत्य निकेतन हादसे की पृष्ठभूमि में उठाया गया है, जिसमें पिछले रविवार को पांच मंजिला 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) आवासीय इमारत के गिरने से पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।
लोक निवास की ओर से जारी एक नोट के अनुसार, समिति छात्रों के आवास के लिए आपातकालीन निकासी और आपदा के समय की कार्रवाई के नियम भी तय करेगी तथा छात्रों को असुरक्षित आवास की जानकारी देने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल निगरानी तंत्र विकसित करने का सुझाव देगी। समिति 60 दिन के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपेगी।
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शुभम मनीषा
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