Breaking News

बीजेपी 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब' यात्रा, 30 सितंबर तक चलेगी     |   11-13 सितंबर तक आम जनता के लिए राष्ट्रपति भवन, म्यूजियम, अमृत उद्यान बंद रहेगा     |   लाल सिंह आर्या BJP के किसान मोर्चा के प्रभारी बने, सतीश पूनिया के जिम्मे ST मोर्चा     |   BJP ने पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा और वैजयंत पांडा को OBC मोर्चा का प्रभार सौंपा     |   UP सरकार की योजनाओं में बढ़ा AI का इस्तेमाल, पेंशन-छात्रवृत्ति पर भी निगरानी     |  

एफसीएनआर(बी) से असामान्य ऋण की आशंका नहीं,चार महीने में होगा धन का इस्तेमाल:एसबीआई चेयरमैन

मुंबई, 10 सितंबर (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने एफसीएनआर(बी) के तहत आने वाली धनराशि से ‘‘असामान्य ऋण’’ की स्थिति पैदा होने संबंधी चिंताओं को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल चार महीने तक की अवधि में किया जाएगा।

देश के सबसे बड़े ऋणदाता का नेतृत्व करने वाले शेट्टी ने कहा कि बैंककर्मी आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) की विशेष रियायती मुद्रा अदला-बदली सुविधा के तहत प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई 127 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

यहां वार्षिक ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या इस धनराशि से असामान्य ऋण की स्थिति पैदा होगी, तो शेट्टी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता (कि इससे असामान्य ऋण की स्थिति पैदा होगी), हर कोई अधिक जिम्मेदारी से काम करेगा।’’

इसी कार्यक्रम में बुधवार को तीसरे सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ चौधरी ने चिंता जताई थी कि विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) एफसीएनआर(बी) के तहत आने वाली धनराशि से कुछ ‘‘असामान्य ऋण’’ की स्थिति पैदा हो सकती है।

शेट्टी ने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल अगले तीन से चार महीनों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की अक्टूबर में होने वाली अगली समीक्षा में नीतिगत दर बढ़ाने की संभावना नहीं है।

इससे पहले कार्यक्रम में शेट्टी ने कहा कि भारतीय बैंक कई वर्षों से कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में एसबीआई के शुरुआती प्रयासों का भी उल्लेख किया, जहां ऐसी प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल ग्राहक सेवाओं और कुछ ऋण उत्पादों में किया जा रहा है।

एजेंटिक एआई के दौर के सामने होने का उल्लेख करते हुए शेट्टी ने कहा, ‘‘हमें ग्राहक को जानें (केवाईसी) दिशानिर्देशों की तर्ज पर ‘अपने एजेंट को जानें’ (केवाईए) व्यवस्था बनाने की जरूरत पड़ सकती है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाना खासतौर पर उस दुनिया में जरूरी होगा, जहां ग्राहकों के एआई एजेंट आम हो जाएंगे।

भाषा निहारिका

निहारिका