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योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंत को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी

लखनऊ, 10 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर बृहस्पतिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता आंदोलन, शासन-व्यवस्था और भूमि सुधारों में उनके योगदान को याद किया।

योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में पंत की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर मैं उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से उनकी स्मृति को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पंत महान अधिवक्ता और स्वतंत्रता सेनानी थे। 1925 में ब्रिटिश सरकार ने ‘काकोरी ट्रेन कांड’ के सिलसिले में क्रांतिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाया था। पंत क्रांतिकारियों के अधिवक्ता बने और उन्होंने पूरी ताकत से उनका पक्ष रखा।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि पंत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने के लिए उन्होंने तत्कालीन ‘यूनाइटेड प्रोविंसेस’ के प्रीमियर (मुख्यमंत्री) का पद भी छोड़ दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ हुए कई बड़े आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 1947 में वह उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने और उन्होंने इस विशाल राज्य में सुशासन की मिसाल कायम करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पंत ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सुधार किए, जिनमें भूमि सुधार विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘वर्ष 1954 में पंत केंद्रीय गृह मंत्री बने। उस समय देश में भाषाई विवाद थे और समाज में नए विभाजन पैदा करने के प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने इन समस्याओं का समाधान खोजने में बड़ी सूझबूझ के साथ अपनी भूमिका निभाई।’’

भाषा सलीम वैभव खारी

खारी