नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (नासवी) ने बुधवार को दावा किया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के कई इलाकों में रेहड़ी-पटरी वालों से अपना कारोबार रोकने को कहा जा रहा है।
संगठन ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
नासवी के अनुसार, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आर.के. पुरम समेत कई इलाकों में विक्रेताओं ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें दुकानें लगाने या कारोबार जारी रखने से मना किया है। मदनगीर में कुछ विक्रेताओं ने अपना सामान जब्त किए जाने का भी आरोप लगाया।
संगठन ने कहा कि यदि ये पाबंदियां 13 सितंबर तक जारी रहती हैं, तो विक्रेताओं और उनके परिवारों को कई दिनों तक आय से वंचित रहना पड़ सकता है। बढ़ती कीमतों और घरेलू खर्चों के कारण पहले ही उनकी आजीविका पर दबाव है।
नासवी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यह रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका की कीमत पर नहीं की जानी चाहिए।
संगठन के राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद सिंह ने कहा, “जब भी भारत दुनिया के सामने अपने शहरों की झलक पेश करना चाहती है, तब सड़क किनारे सामान बेचने वालों को ऐसी चीज नहीं माना जा सकता जिसे छिपाने की जरूरत हो।”
नासवी ने अधिकारियों से विक्रेताओं के साथ पहले से बातचीत करने, प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
भाषा
राखी प्रशांत
प्रशांत