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बंगाल उपचुनाव से पहले मतदाताओं की लंबित अपील का निपटारा हो: तृणमूल सांसद का ईसी से आग्रह

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सूची से बाहर किये गए वास्तविक मतदाताओं को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में वोट देने के अधिकार से वंचित न किया जाए।

तृणमूल सांसद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि एसआईआर ने वर्तनी में अंतर, बांग्ला और अंग्रेजी भाषाओं के बीच रूपांतरण की गलतियों और जन्म-तिथि में मामूली अंतर के कारण ‘‘लगभग लाखों’’ वास्तविक मतदाताओं को बाहर कर दिया, जिनमें वे लोग भी शामिल थे जिनका पूर्व में मतदान का रिकॉर्ड रहा है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन दो सीट के लिए छह अक्टूबर को मतदान होगा और नौ अक्टूबर को मतगणना होगी। नंदीग्राम सीट उस वक्त रिक्त हुई जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने, जिन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट जीती थीं, भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया।

वहीं, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के छोड़ने से रिक्त हुई।

तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान भाषा की दिक्कत और अधिकारियों को बंगाली नामों और स्थानीय संदर्भ की जानकारी न होने से भ्रम और बढ़ गया।

उन्होंने कहा, ‘‘कई प्रभावित मतदाताओं ने अपील दायर की, जो महीनों तक लंबित रही, जिसकी वजह से वे 2026 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाए।’’ उन्होंने दावा किया कि अपीलीय अधिकरण अब ऐसी कई अपीलों को मंजूरी दे रहे हैं।

भाषा सुभाष माधव

माधव