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केंद्र ‘उड़ान’ योजना के तहत हिमाचल को हेलीपोर्ट निर्माण के लिए पैसा उपलब्ध कराने पर सहमत

शिमला, नौ सितंबर (भाषा) केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट को दो महीने के भीतर अंतिम रूप से देने का निर्देश दिया है।

केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में उड़ान योजना के तहत हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वित्तपोषण उपलब्ध कराने पर भी सहमति जताई है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को नयी दिल्ली में नायडू से मुलाकात की और राज्य में हवाई संपर्क मजबूत करने तथा विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास के लिए हवाई अड्डे का विस्तार महत्वपूर्ण है। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी तथा पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।

नायडू ने अधिकारियों को दो महीने के भीतर परियोजना की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के लिए सलाहकार नियुक्त करने और तय समयसीमा में रिपोर्ट पूरी करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि रिपोर्ट दो महीने में तैयार हो जाती है तो कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया में तेजी आएगी और परियोजना को जल्द आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से परियोजना की लागत का आकलन करने का भी आग्रह किया।

सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के कठिन भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए राज्य के विभिन्न हिस्सों में हेलीपोर्ट विकसित करने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने तथा आपात स्थिति में तत्काल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हेलीपोर्ट का नेटवर्क मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र से सहायता मांगी।

केंद्र ने ‘उड़ान’ योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए वित्तपोषण उपलब्ध कराने पर सहमति जताई।

बैठक में शिमला हवाई अड्डे से नियमित उड़ानों के संचालन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने शिमला को नियमित हवाई संपर्क उपलब्ध कराने के लिए जरूरी सहायता का आश्वासन दिया।

भाषा रमण अजय

अजय