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हिप्र के नए कानून के तहत सड़क किनारे कचरा फेंकने और लावारिस वाहन छोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

शिमला, नौ सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश में अब सड़कों को नुकसान पहुंचाना, सड़क किनारे निर्माण मलबा डालना, अतिक्रमण करना और लावारिस वाहनों को खड़ा करना महंगा पड़ेगा।

विधानसभा से पारित होने के बाद जल्द लागू होने वाले 'हिमाचल प्रदेश सड़क बुनियादी ढांचा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026' के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का अधिकार मिलेगा।

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, सड़क खोदने, उसे नुकसान पहुंचाने, बिना अनुमति सड़क काटने या पुलों एवं नालियों को क्षतिग्रस्त करने पर मरम्मत की लागत का पांच गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा।

सड़क पर मलबा या खुदाई से निकली मिट्टी डालने पर प्रति घन मीटर प्रतिदिन 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि निर्माण सामग्री जमा करने पर प्रतिदिन 2,000 रुपये जुर्माना देना होगा।

बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन बोर्डों पर प्रति रनिंग मीटर प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा था कि वर्ष 2002 के मूल कानून में डिजिटल तकनीक और जीपीएस आधारित मानचित्रण को शामिल करने का प्रावधान नहीं था।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, कानून लागू करने की व्यवस्था भी कमजोर थी और मौके पर पुलिस सहायता लेने के लिए स्पष्ट अधिकार नहीं थे।

नए कानून के तहत अधिकारियों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं।

यह विधेयक कानून बनने के लिए राज्यपाल की मंजूरी और सरकारी राजपत्र में प्रकाशन के बाद लागू होगा।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश