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सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का ‘डिलिवरी राइडर’ की सुरक्षा के लिए अलग लेन बनाने का सुझाव

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने दोपहिया वाहन के जरिये सामान पहुंचाने वाले ‘डिलिवरी राइडर’ की सुरक्षा के लिए अलग लेन बनाने की जरूरत पर बुधवार को जोर दिया, ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

‘सेफ्टी, ट्रेनिंग एंड रेगुलेशन ऑफ पावर्ड टू-व्हीलर डिलिवरी राइडर्स’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ‘इंस्टिट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (आईआरटीई)’ के अध्यक्ष रोहित बालूजा ने कहा कि देश में कुल वाहनों की आवाजाही में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है, लेकिन सड़क बुनियादी ढांचे के विकास और यातायात नियमों के निर्धारण के दौरान उन्हें नजरअंदाज किया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए अलग ड्राइविंग लेन की जरूरत है और उनके लिए अब तक ये नहीं हैं। नियमों का सख्ती से पालन कराए जाने की भी जरूरत है।’’

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) के मुख्य वैज्ञानिक चलुमुरी रवि शेखर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें भारत में होती हैं और इनमें दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहनों में नई सुरक्षा तकनीक शामिल करने के साथ-साथ सख्त नियमों का पालन और जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

भाषा यासिर अजय

अजय