नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सोशल मीडिया मंच पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री के कथित विज्ञापनों के मामले में जांच के तहत मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रमुख को बुधवार को तलब किया है।
एनसीपीसीआर ने तीन जुलाई को ‘बीबीसी’ की खबर का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें ऐसी बाल सामग्री से संबंधित कथित विज्ञापनों का जिक्र किया गया था। आयोग ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था।
मेटा ने एक सप्ताह बाद आयोग को अपना जवाब सौंप दिया।
अधिकारियों ने बताया कि अब एनसीपीसीआर ने मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू करने का फैसला किया है। इसी के तहत आयोग ने मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रमुख को बुधवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है।
ऑनलाइन मंच के जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की कथित उपलब्धता और उसे बढ़ावा दिए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच आयोग का यह कदम सामने आया है।
जुलाई में सरकार ने इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री को लेकर मेटा को कड़ी चेतावनी दी थी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसी सामग्री को बढ़ावा देने और उस तक पहुंच को सुगम बनाने वाले सभी विज्ञापनों और सामग्री को हटाने का आदेश दिया था। मंत्रालय ने इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा था।
यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश के बाद की गई। उन्होंने मेटा को तलब करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया था। मेटा पर इंस्टाग्राम के ऐसे विज्ञापनों को बढ़ावा देने का आरोप था, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री का प्रचार किया जा रहा था।
मंत्रालय की ओर से की गई नियामकीय जांच ऐसे समय में सामने आई, जब ‘बीबीसी’ की एक खबर में आरोप लगाया गया कि मेटा का एल्गोरिद्म बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री वाले वीडियो को बढ़ावा दे रहा। खबर में सुरक्षा उपायों में गंभीर खामियों की ओर भी इशारा किया गया।
भाषा आशीष माधव
माधव