शिमला, आठ सितंबर (भाषा) शिमला का लक्कड़ बाजार मंगलवार को बंद रहा। यहां व्यापारियों के संगठन ने भूख हड़ताल की और रेहड़ी-पटरी वालों को कारोबार करने की अनुमति देने के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं तथा शिमला नगर निगम (एसएमसी) से इलाके में लगी उनकी दुकानों को हटाने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए व्यापारी पप्पू ने कहा कि लक्कड़ बाजार शहर के महत्वपूर्ण विरासत क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा, “हमारा विरोध बाजार में व्यवस्था बनाए रखने और सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण को रोकने के उद्देश्य से है। बाजार में रेहड़ी-पटरी वालों को अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति देने से न केवल इसकी ऐतिहासिक पहचान प्रभावित होती है, बल्कि इसके रोजमर्रा के कामकाज में भी बाधा आती है।”
उन्होंने एसएमसी से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए अलग व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
पप्पू ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में नगर निकाय ने पहले बाजार से रेहड़ी-पटरी वालों को हटा दिया था। हालांकि, सोमवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीआईटीयू) के बैनर तले बड़ी संख्या में रहेड़ी पटरी वाले इलाके में लौट आए, सड़क किनारे दुकानें लगाईं और कारोबार फिर शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि यदि निगम उनकी मांगें स्वीकार नहीं करता है तो व्यापारी अपना आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर व्यापारी सड़क जाम करेंगे और एंबुलेंस को छोड़कर सभी वाहनों की आवाजाही रोक देंगे।
भाषा तान्या माधव
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