केंद्रपाड़ा, आठ सितंबर (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में निराश्रितों के लिए संचालित सरकारी सहायता प्राप्त आश्रय गृह में झारखंड की 16 वर्षीय आदिवासी लड़की से कथित तौर पर दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मंगलवार को एक चौकीदार और 13 वर्षीय एक लड़के को हिरासत में लिया।
पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के चार महीने की गर्भवती होने की जानकारी मिली।
झारखंड निवासी पीड़िता को 22 जून 2023 को केंद्रपाड़ा में 'चाइल्डलाइन' ने बचाया था और जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देश पर उसे आश्रय गृह में रखा गया था।
पुलिस के अनुसार, आश्रय गृह में रहने के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से कई बार उसका यौन शोषण किया। चौकीदार (52) आश्रय गृह में कार्यरत था, जबकि लड़का उसी बाल देखभाल संस्थान में रह रहा था।
केंद्रपाड़ा जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय केतन साहू ने बताया कि पता सत्यापित होने के बाद करीब दो महीने पहले पीड़िता को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित उसके घर भेज दिया गया था।
उन्होंने बताया कि पीड़िता की मां ने उसके शरीर में बदलाव देखकर इसकी जानकारी पश्चिमी सिंहभूम बाल कल्याण समिति को दी। इसके बाद चिकित्सकीय जांच में उसके चार महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
पश्चिमी सिंहभूम बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसे बाद में केंद्रपाड़ा पुलिस को भेज दिया गया।
जांच अधिकारी पद्मालय प्रधान ने बताया, ‘‘हमने चौकीदार को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।’’
उन्होंने बताया कि नाबालिग आरोपी को अंगुल स्थित सुधार गृह भेज दिया गया है।
केंद्रपाड़ा बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्वागतिका पात्रा ने बताया कि जिला प्रशासन ने आश्रय गृह में रह रहे सभी लोगों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है और आश्रय गृह के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भाषा रवि कांत प्रशांत
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