कानपुर, आठ सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने प्रदर्शित किया है कि सरकारी तंत्र में पहले से मौजूद डेटा के आधार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से कल्याणकारी सहायता की आवश्यकता वाले परिवारों की पहचान की जा सकती है। आईआईटी-कानपुर ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान के अनुसार, “आईआईटी-कानपुर का एआई-आधारित 'फैमिली स्कोर' सिस्टम बिना किसी अतिरिक्त सर्वेक्षण के परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करता है। यह बड़े पैमाने पर सही लाभार्थियों की पहचान का तेज और कम लागत वाला तरीका है।”
बयान के मुताबिक, आईआईटी-कानपुर और आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग के तहत पहले चरण में यह परखा गया कि क्या एआई पारंपरिक घरेलू सर्वेक्षण का भरोसेमंद विकल्प बन सकता है।
बयान में कहा गया है कि अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि आईआईटी-कानपुर की ओर से विकसित एआई मॉडल का समूह सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता लगाने में पारंपरिक सर्वेक्षण से बेहतर प्रदर्शन करता है, जिसमें सरकार का खर्च और श्रम काफी कम लगता है।
भाषा
सं आनन्द पारुल
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