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पीडीएसयू ने जेएनयू में गैर हिंदीभाषी छात्रा से भाषाई आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया

नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (पीडीएसयू) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में जापानी अध्ययन केंद्र के एक सहायक प्रोफेसर पर एक गैर-हिंदीभाषी छात्रा को भाषाई आधार पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करके परेशान करने का आरोप लगाया है।

छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संगठन का आरोप है कि शिक्षक ने ऐसा 'घुटन भरा माहौल' बनाया, जिससे जेएनयू की आचार संहिता और अध्ययन मानकों का उल्लंघन हुआ।

पीडीएसयू की ओर से जारी एक विस्तृत बयान के अनुसार, सहायक प्रोफेसर ने दक्षिण भारत की एक छात्रा पर कक्षा के दौरान हिंदी बोलने और लिखने का दबाव डाला, जबकि वह हिंदीभाषी नहीं है।

संगठन का दावा है कि प्रोफेसर ने उसके बोलने के तरीके का मजाक उड़ाया और दूसरे छात्रों को उस पर हंसने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे छात्रा को गंभीर मानसिक और भावनात्मक ठेस पहुंची।

पीडीएसयू ने कहा, “छात्रा को कक्षा में यह दोहराने के लिए कहा गया—'मैं हिंदी पढ़ने की पूरी कोशिश करूंगी'।”

संगठन ने कहा कि छात्रा से अक्सर हिंदी और संस्कृत के कठिन शब्द, वाक्य और श्लोक लिखने, पढ़ने या उनका अनुवाद करने के लिए कहा जाता था।

पीडीएसयू के अनुसार इसके बाद से छात्रा की तबीयत खराब हो गई।

जेएनयू प्रशासन की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

विश्वविद्यालय पहले से ही एक और विवाद का सामना कर रहा है। हाल ही में कई छात्रों ने एक अन्य प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद आंतरिक शिकायत समिति ने मामले की जांच शुरू की है।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश