लंदन, आठ सितंबर (एपी) ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक स्थित इजराइली बस्तियों के साथ व्यापार पर मंगलवार को यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया कि ‘‘बस्तियों में रहने वाले आतंकी’’ फलस्तीनियों का जातीय सफाया कर रहे हैं।
विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि ब्रिटेन इन बस्तियों से सभी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा। साथ ही बस्तियों के लिए वित्त पोषण, निर्माण, अवसंरचना, रियल एस्टेट और विज्ञापन जैसी कुछ सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाएगा।
उन्होंने कहा कि फ्रांस और कनाडा भी बस्तियों के साथ व्यापार पर रोक लगाएंगे।
लंबे समय से सहयोगी रहे इजराइल के प्रति ब्रिटेन के रुख में यह एक सख्ती है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में फलस्तीनियों के प्रति इजराइल के बर्ताव की ब्रिटेन और इजराइल के अन्य सहयोगियों द्वारा लगातार आलोचना की जाती रही है।
नेतन्याहू की अति-राष्ट्रवादी सरकार के दौर में, वेस्ट बैंक में बस्तियां बसाने का काम तेजी से बढ़ा है। वेस्ट बैंक पर इजराइल ने 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध के दौरान कब्जा किया था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि इस तरह का निर्माण गैर-कानूनी है और शांति के रास्ते में एक बाधा है।
नेतन्याहू सरकार वेस्ट बैंक को यहूदी लोगों के लिए धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र और ऐतिहासिक मातृभूमि मानती है और फलस्तीनी राष्ट्र बनाने के खिलाफ है।
मिलिबैंड ने कहा, ‘‘ब्रिटेन सरकार इस बात से सहमत है कि वेस्ट बैंक के इलाकों में रह रहे आतंकवादियों द्वारा फलस्तीनियों का जातीय सफाया किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘घर तोड़े गए हैं, सड़कें और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा नष्ट किया गया है, और परिवारों को उनके घरों से बेघर किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें ‘‘इस बात पर बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरों के सामने फलस्तीन में क्या हुआ है।’’
मिलिबैंड ने कहा, ‘‘हम द्वि-राष्ट्र समाधान को खत्म होने नहीं देंगे।’’
उन्होंने कहा कि व्यापार पर प्रतिबंध छह से नौ महीनों में लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कनाडा और फ्रांस भी इजराइली बस्तियों से आने वाली वस्तुओं पर प्रतिबंध की घोषणा करेंगे, जबकि डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल और स्वीडन ने ‘‘भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई का समर्थन’’ करने का वादा किया है।
उन्होंने कहा कि नीदरलैंड, आयरलैंड, बेल्जियम, स्पेन और नॉर्वे ने या तो इन बस्तियों से आने वाली वस्तुओं पर पाबंदी लगा दी है या ऐसा करने की प्रक्रिया में हैं।
मिलिबैंड ने गाजा में इस्तेमाल के लिए इजराइल को हथियारों की बिक्री पर ब्रिटेन की रोक को और कड़ा कर दिया, ताकि इसमें वे हथियार भी शामिल हो सकें जो फलस्तीनी इलाकों पर ‘‘कब्जे में अहम भूमिका निभाते हैं।’’
इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा कि यह प्रतिबंध ‘‘एक बहुत बड़ी गलती होगी, एक ऐसा फैसला जो इतिहास में गलत साबित होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा हालात में, यह एक संप्रभु देश के लोकतांत्रिक चुनावों में बहुत बड़ा दखल होगा।’’
लंदन द्वारा प्रतिबंध की घोषणा किये जाने से पहले ही इजराइल के वरिष्ठ मंत्रियों ने ब्रिटेन सरकार के रुख की निंदा की। विदेश मंत्री गिदोन सार ने चेतावनी दी कि ‘‘अगर ब्रिटेन इजराइल के खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो इजराइल भी ब्रिटेन के खिलाफ कदम उठाएगा।’’
इजराइल में नियुक्त अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘यहूदियों के साथ भेदभाव’’ है। उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन ने ये प्रतिबंध लगाए, तो उसे अमेरिका की ओर से ‘‘जवाबी कार्रवाई’’ का सामना करना पड़ सकता है।
एपी सुभाष नरेश
नरेश