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वडोदरा, आठ सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवनिर्मित माल ढुलाई गलियारे को लेकर मंगलवार को विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि आलोचक अब भी “नाराज फूफा” की तरह शिकायतें करते रहेंगे और नए-नए मुद्दे खड़े करेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सरकार के खिलाफ अभियान को भी “झूठ की गूंज” करार दिया।
प्रधानमंत्री ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे (पश्चिम) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। यह गलियारा नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है और इन खंडों के उद्घाटन के साथ परियोजना पूरी हो गई। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की कार्यप्रणाली को धीमा बताया।
मोदी ने कहा, ‘‘आपके आशीर्वाद से जब मैं 2014 में दिल्ली पहुंचा तो हमने इस परियोजना के काम में तेजी लानी शुरू कर दी। आज 2,800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का काम पूरा हो गया है।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि विरोधी नवनिर्मित माल ढुलाई गलियारे जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की उपलब्धियों में भी हमेशा खामियां निकालते रहेंगे।
मोदी ने कहा कि हाल ही में डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी ने मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से वडोदरा तक एक ही यात्रा में 250 से अधिक ट्रक के बराबर माल पहुंचाया।
मोदी ने गलियारा परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा और उनके खरीदे हुए ट्रकों का क्या होगा?’’
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकार की खामियां गिनाते हुए अपने कार्यकाल के दौरान हुए तेज आधुनिकीकरण का जिक्र किया।
मोदी ने कहा, ‘‘2014 के बाद भारत ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनवाए लेकिन पिछली (कांग्रेस) सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बनवा सकी।’’
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी तंज कसते हुए कहा कि युवा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और ‘‘झूठ की गूंज’’ से गुमराह नहीं होंगे।
‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया छात्रों से संवाद का एक अभियान है, जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस इस अभियान के जरिये परीक्षा प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है।
मोदी ने कहा, “साथियो, झूठ की गूंज से भ्रमित करने वाले लोग आपको हर चौराहे पर मिल जाएंगे, लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार के साथ चलता है... सत्य की हुंकार के लिए चलता है।” उन्होंने युवाओं से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय वास्तविक प्रगति और तथ्यों पर भरोसा करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा देख सकते हैं कि सरकार सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में कितनी गंभीरता से काम कर रही है।
मोदी ने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारे तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा हैं। इस आधुनिक माल ढुलाई नेटवर्क के कारण भारत में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है।
उन्होंने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों की रफ्तार धीमी हो जाती थी लेकिन समर्पित माल ढुलाई गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है।
मोदी ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे अब देश के व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों की मुख्य रीढ़ बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2,800 किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई गलियारा पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में आए बुनियादी बदलाव का प्रमाण है।
पिछली सरकार के दौरान प्रशासनिक देरी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में एक विशेष कंपनी का गठन किया गया था, लेकिन 2014 तक फाइल अटकी रहीं और कोई प्रगति नहीं हुई। मोदी ने कहा, ‘‘इन फाइल की किस्मत में भी दुर्भाग्य से कोई समर्पित गलियारा नहीं था। फाइल कहीं अटक जाती थीं, कहीं पड़ी रहती थीं और इधर-उधर भटकती रहती थीं।’’
मोदी ने कहा कि भारत ‘चिप से लेकर शिप (जहाज)’ बनाने के साथ विनिर्माण के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश में कलपुर्जों, तैयार उत्पादों और आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी पूरी आपूर्ति शृंखला को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत रेलवे कोच, मेट्रो कोच और इंजन के एक प्रमुख विनिर्माता के रूप में उभरा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मालगाड़ी को पहले 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में 6.5 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह दूरी आधे से भी कम समय में तय की जा सकती है। वहीं, ट्रक से 30 घंटे में पूरी होने वाली यात्रा अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 10-12 घंटे में पूरी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इन गलियारों से ईंधन की खपत कम हुई है, माल ढुलाई की लागत घटी है, समय की बचत हुई है और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि रेल संपर्क उन हिस्सों तक भी पहुंच रहा है, जहां दशकों से रेल सुविधा नहीं थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक इकोसिस्टम और डेटा सेंटर तथा एआई जैसे उद्योगों पर निर्भर करेगा, जिनके लिए बड़ी मात्रा में पानी और बिजली की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए जरूरी ‘इकोसिस्टम’ तैयार कर रहा है और यूरेनियम तथा महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समझौते भी कर रहा है।
बाद में, मोदी ने दक्षिण गुजरात के नवसारी शहर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित ‘नमो कमलम’ कार्यालय का उद्घाटन किया और कहा कि सत्तारूढ़ दल की शक्ति, पद और संगठनात्मक क्षमता पूरी तरह जनसेवा के लिए समर्पित हैं।
भाषा आशीष पवनेश
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