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उत्तर प्रदेश में 500 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी मामले में दो भाई गिरफ्तार

बदायूं, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और बदायूं पुलिस की संयुक्त टीम ने 35,000 से अधिक निवेशकों के साथ 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी किए जाने के मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ‘अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड’ के निदेशक शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के रूप में हुई है, जो डेढ़ साल से फरार थे। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा इकाई और बदायूं कोतवाली पुलिस ने शशिकांत और सूर्यकांत को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ बदायूं कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी के लिए जालसाजी, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, शशिकांत और सूर्यकांत पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर ‘अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड’ में निवेश करने के लिए लुभाया और बाद में उन पैसों का गबन कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, बदायूं, बरेली, पीलीभीत और अन्य जिलों के निवेशकों से कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा की गई थी। बताया जा रहा है कि अकेले बदायूं में ही करीब 15,000 निवेशक धोखाधड़ी से प्रभावित हुए।

बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मामले दर्ज हैं।

शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय ने अप्रैल 2026 में उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी, जिससे पुलिस कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।

भाषा

सं आनन्द पारुल

पारुल