नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब के संगरूर जिले में एक व्यक्ति की कथित आत्महत्या के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मंगलवार को मांग की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि गांव में मादक पदार्थों की समस्या को लेकर चीमा से सवाल करने पर आम आदमी पार्टी (आप) के स्थानीय नेताओं ने उस व्यक्ति पर माफी मांगने का दबाव बनाया था।
पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीमा के इस्तीफे की मांग की और कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
मीडिया की खबरों के अनुसार, संगरूर जिले में दिड़बा के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात जहर खाने के बाद मौत हो गई। आरोप है कि सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने छह सितंबर को गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चीमा से सवाल करने को लेकर गुलजार पर मंत्री से माफी मांगने का दबाव बनाया था।
भाटिया ने कहा, ‘‘चीमा जब उसके गांव के दौरे पर आए थे तब गुलजार सिंह ने मादक पदार्थों की समस्या का मुद्दा उठाया था। सिंह ने चीमा को बताया कि उसका बेटा ‘चिट्टा’ लेता है और उसने मंत्री से इसकी तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया था।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मंत्री के जाने के बाद गांव का सरपंच एवं ‘आप’ नेता गुलजार सिंह के घर गया और उससे अपनी टिप्पणी के लिए मंत्री से माफी मांगने को कहा।’’
ना तो ‘आप’ और न ही पंजाब सरकार ने भाजपा के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भाटिया ने कहा, ‘‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
भाजपा प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि अस्पताल में मौत से पहले गुलजार सिंह ने पूरा घटनाक्रम बताया था और चीमा के सामने मादक पदार्थों का मुद्दा उठाने पर उसे धमकाने वाले लोगों के नाम भी लिए थे।
भाजपा नेता ने मांग की कि वीडियो में गुलजार सिंह द्वारा जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनके खिलाफ बीएनएस के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाए।
भाटिया ने कहा, ‘‘चीमा को भी तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।’’
भाटिया ने कहा, ‘‘चूंकि वह (गुलजार सिंह) अनुसूचित जाति से था, इसलिए आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’
भाजपा के कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘गैंगस्टर पार्टी’’ बन गई है।
उन्होंने 'एक्स' पर एक वीडियो पोस्ट कर, 2016 में नाभा जेल से भागने के मुख्य आरोपियों में से एक गुरप्रीत सिंह सेखों के दो दिन पहले 'आप' में शामिल होने की ओर इशारा किया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एक तरफ ‘आप’ अपनी पार्टी में गैंगस्टरों को शामिल कर रही है ताकि वे वोटों के लिए लोगों को डरा-धमका सकें, वहीं दूसरी तरफ मादक पदार्थों के खतरे पर सवाल उठाने वाले एक आम पंजाबी को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उसकी मौत हो गई।'
भंडारी ने आरोप लगाया कि जब चीमा से पूछा गया कि पंजाब के हर गांव में ‘चिट्टा’ खुलेआम क्यों बिक रहा है, तो इसके समाधान के बजाय ‘आप’ सरकार ने सवाल पूछने वाले के घर गुंडे भेजकर उसकी आवाज दबाने की कोशिश की।
गुरप्रीत सिंह सेखों रविवार को फिरोजपुर में मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में एक रैली के दौरान अपने समर्थकों के साथ ‘आप’ में शामिल हुआ।
सेखों 2016 में नाभा की उच्च सुरक्षा वाली जेल से कैदियों को छुड़ाने के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक था। इस मामले में हथियारबंद हमलावरों ने जेल पर हमला कर छह कैदियों को छुड़ा लिया था।
भंडारी ने कहा, ‘‘इससे साफ होता है कि आम आदमी पार्टी एक गैंगस्टर पार्टी बन गई है।’’
भाजपा के सांसद तरुण चुग ने आरोप लगाया कि पंजाब में ‘आप’ सरकार में लोकतंत्र ‘‘पूरी तरह से खत्म’’ हो गया है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज पंजाब के इतिहास में बेहद दुखद दिन है। आज केजरीवाल और गुरु द्रोही भगवंत मान ने साबित कर दिया है कि उन्होंने पंजाब में लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिवंगत गुलजार सिंह जी की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उनके इस बलिदान से मान सरकार के कुशासन का भी अंत होगा और अरविंद केजरीवाल का अहंकार भी टूटेगा।’’
चुग ने कुछ दिन पहले मोहनजीत सिंह की पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना की ओर इशारा करते हुए कहा कि गुलजार सिंह की घटना पुलिस की बर्बरता का एक और उदाहरण है।
भाषा खारी मनीषा
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