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पंजाब: डीए सहित लंबित मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल

होशियारपुर/फिरोजपुर, आठ सितंबर (भाषा) पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने मंगलवार को महंगाई भत्ते (डीए) के बकाये के भुगतान समेत अपनी कई लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ कलमबंद हड़ताल की।

‘पंजाब सांझा मुलाजिम मंच’ के बैनर तले कर्मचारियों ने जिला स्तर पर अपने-अपने कार्यालयों में प्रदर्शन किया और कंप्यूटर बंद कर सरकारी कामकाज का बहिष्कार किया।

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सोमवार को प्रस्तावित कर्मचारी हड़ताल को ‘अवैध’ बताया था और चेतावनी दी थी कि जनता को परेशानी होने पर कार्रवाई की जाएगी।

चंडीगढ़ स्थित विभिन्न निदेशालयों में भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।

इसके अलावा कई विभागों के कर्मचारियों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया।

होशियारपुर में कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध मोदगिल, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक त्रिहान और अन्य प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा सरकार की नीतियों की आलोचना की।

मोदगिल ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों का 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए), सुनिश्चित करियर प्रगति (एसीपी) लाभ और अन्य भत्ते रोक रखे हैं।

उन्होंने कहा कि संयुक्त समन्वय समिति के फैसले के अनुसार कर्मचारी 12 सितंबर से पंजाब के मंत्रियों का घेराव शुरू करेंगे।

फिरोजपुर में भी विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जिला प्रशासनिक परिसर (डीएसी) में प्रदर्शन किया।

पंजाब राज्य मंत्रालयिक सेवा संघ के जिला अध्यक्ष पिप्पल सिंह ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों पर आश्वासन दे रही है, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सिंह ने कहा, “सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने का वादा किया था। हालांकि, ओपीएस को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है लेकिन इसके क्रियान्वयन की पूरी प्रक्रिया और जरूरी शर्तों को अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।”

उन्होंने कहा कि बाद में भर्ती किए गए कर्मचारियों को नई पेंशन प्रणाली के तहत रखा गया है।

संघ के सदस्यों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

भाषा जितेंद्र वैभव

वैभव