मंगलुरु (कर्नाटक), सात सितंबर (भाषा) साक्षरता कार्यकर्ता एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हरेकल हजब्बा को वर्तमान में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम में अंतर को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह विसंगति इसलिए पैदा हुई क्योंकि हजब्बा का नाम 2002 की मतदाता सूची में केवल हजब्बा के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था, जबकि बाद के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका पूरा नाम हरेकल हजब्बा है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही नियमित सत्यापन प्रक्रिया के तहत आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा उनके मकान पर यह नोटिस दिया गया।
हजब्बा की पहचान हरेकल हजब्बा के तौर पर उनके राशन कार्ड, पासपोर्ट और पद्मश्री पुरस्कार के लिए प्रशस्ति पत्र में प्रदर्शित है। उन्होंने कहा कि उन्हें संबंधित दस्तावेजों के साथ स्थानीय अधिकारियों के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।
हजब्बा ने कहा, “आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मेरे घर आईं और उन्होंने मुझे यह नोटिस दिया। मुझे 11 सितंबर को ग्राम पंचायत के समक्ष मेरे मूल दस्तावेजों को प्रस्तुत करने को कहा गया है।”
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा जल्द सुलझ जाएगा। “मेरे आधिकारिक दस्तावेजों में हरेकल हजब्बा नाम है। मैं आवश्यक दस्तावेज जमा करूंगा।”
भाषा सं राजेंद्र सुरभि
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