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कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले में उप्र एवं राजस्थान पुलिस से रिपोर्ट तलब

प्रयागराज, सात सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ के आरोप पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चोरी एक मामले में आरोपी की जयपुर से गिरफ्तारी और इसके बाद फिरोजाबाद में पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ की जांच के संबंध में आए विरोधाभासी बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश कुमार सामंत की खंडपीठ ने आरोपी अवधेश की पत्नी रिया गौतम द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

अदालत ने आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को इस मुठभेड़ के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने जयपुर के पुलिस आयुक्त को इस घटना के संबंध में रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता का पति अवधेश जयपुर में एक कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी ने राजस्थान पुलिस में शिकायत की कि पांच दिसंबर, 2025 को रात करीब 10 बजे पुलिसकर्मी कंपनी के परिसर में पहुंचे और बिना किसी कारण उसके पति को उठा ले गए।

राजस्थान पुलिस ने इस शिकायत की जांच की और जयपुर के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा बताया गया कि याचिकाकर्ता का पति फिरोजाबाद में एक पुलिस थाना में दर्ज चोरी के एक मामले में वांछित था।

राजस्थान पुलिस ने कहा कि व्यक्ति को बाद में जिला फिरोजाबाद में न्यायिक हिरासत में भेजा गया और सहायता के लिए जयपुर की पुलिस उप्र पुलिस के साथ गई थी।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने पाया कि गिरफ्तारी के संबंध में प्राथमिकी का विवरण, राजस्थान पुलिस के बयान से अलग था।

वहीं, अभियोजन पक्ष के मुताबिक, एक मुखबिर ने पुलिस को याचिकाकर्ता के पति के ठिकाने की जानकारी दी थी। उसे और उसके साथी को कथित तौर पर फिरोजाबाद में चितराई की ओर जाने वाली सड़क पर कोल्ड स्टोरेज के पास पाया गया था। इन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को चुनौती दी और हमला किया। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोलियां चलाईं जिसमें आरोपी को गोली लग गई।

एक तरफ जहां राजस्थान पुलिस ने कहा कि चोरी के मामले में आरोपी को फिरोजाबाद पुलिस जयपुर से ले गई थी, वहीं उप्र पुलिस ने कहा कि उसे फिरोजाबाद में पाया गया जहां उसने पुलिस टीम पर हमला किया और ये दोनों बयान मेल नहीं खाते थे।

इन विरोधाभासी दावों को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा अपनी साख चमकाने के लिए की गई इस फर्जी मुठभेड़ में याचिकाकर्ता का पति घायल हुआ।

इन आरोपों को देखते हुए अदालत ने दो सितंबर के अपने आदेश में अपर पुलिस महानिदेशक (आगरा जोन) और पुलिस आयुक्त, जयपुर को इस मामले में अपनी अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई की अगली तिथि 17 सितंबर, 2026 तय की।

भाषा सं राजेंद्र सुरभि

सुरभि