नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) दिल्ली सरकार विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए ‘फ्लोर एरिया रेशियो’ (एफएआर) में अतिरिक्त छूट देने और मौजूदा छात्रावासों के पुनर्विकास पर विचार करेगी। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूद ने बताया कि हाल में हुई इमारत ढहने की घटना के बाद उपराज्यपाल की अध्यक्षता में दिल्ली प्रशासन के संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों समेत विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं की कमी है।”
सूद ने कहा कि जहां भी जरूरत होगी, विद्यार्थियों के लिए अधिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में एफएआर में अतिरिक्त छूट देने पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “नए प्रावधानों के तहत अधिक एफएआर की अनुमति देकर मौजूदा छात्रावासों का भी पुनर्विकास किया जा सकता है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास और कोचिंग संस्थानों के नियमन पर चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति गुप्ता समिति की सिफारिशों के आधार पर समिति एक रिपोर्ट तैयार कर रही है और पीजी आवासों के नियमन का मुद्दा बैठक में उठाया गया।
यह घटनाक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास एक इमारत के ढहने के एक दिन बाद सामने आया है।
यह इमारत रविवार अपराह्न करीब डेढ़ बजे उस समय ढह गई थी, जब उसके बेसमेंट में मरम्मत का काम जारी था।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि बेसमेंट में पानी भरा हुआ था, जिससे आशंका है कि ढांचा कमजोर हो गया होगा।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप