बेंगलुरु, सात सितंबर (भाषा) कर्नाटक सरकार ने राजकीय विद्यालयों के योग्य ग्रामीण छात्रों के लिए सरकारी पेशेवर पाठ्यक्रमों की 7.5 प्रतिशत सीट और ग्रामीण संस्थानों में पढ़ाई करने वालों छात्रों के लिए और 7.5 प्रतिशत सीट आरक्षित करने का प्रस्ताव किया है।
सरकार ने यह प्रस्ताव पेशेवर शिक्षण संस्थानों में सरकारी सीट पर प्रवेश के लिए कर्नाटक उम्मीदवार चयन नियम, 2006 में संशोधन के मसौदा में किया है। इन नियमों को उच्च शिक्षा विभाग ने पांच सितंबर को अधिसूचित किया था और सोमवार को मीडिया में इसे साझा किया गया।
प्रस्तावित संशोधन के तहत, 15 प्रतिशत सरकारी-सीट आरक्षण में से 7.5 प्रतिशत सीटें उन योग्य ग्रामीण उम्मीदवारों के लिए क्षैतिज रूप से आरक्षित होंगी, जिन्होंने कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों पहली से 10वीं कक्षा तक या सरकारी पूर्व विश्वविद्यालय महाविद्यालयों (11वीं और 12वीं कक्षा) में पढ़ाई की है।
मीडिया में साझा किये गए मसौदे के मुताबिक शेष 7.5 प्रतिशत सीट उन योग्य ग्रामीण उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होगा जिन्होंने राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्थित शिक्षण संस्थानों से पहली से 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है, चाहे वे स्कूल सरकारी हों या नहीं।
सरकार ने कहा कि मसौदा नियम उन लोगों की जानकारी के लिए जारी किए जा रहे हैं जिन पर इनका असर पड़ सकता है। साथ ही, सरकार ने आपत्तियां और सुझाव भी मांगे हैं। अगर ये सरकारी गजट में मसौदा के छपने के 15 दिनों के अंदर मिलते हैं, तो उन पर विचार किया जाएगा।
प्रस्तावित नियम, जिन्हें ‘पेशेवर शिक्षण संस्थानों में सरकारी सीटों पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों के चयन से जुड़े कर्नाटक नियम (संशोधन), 2026’ कहा जाएगा,और आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने की तारीख से लागू होगा।
भाषा धीरज रंजन
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