जयपुर, सात सितंबर (भाषा) राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत 399 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर 802 खाद्य नमूने लिए हैं। इस दौरान 5,333.50 किलोग्राम/लीटर मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए एक से पांच सितंबर तक पांच दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया।
इस अभियान के दौरान दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राज्यभर में 399 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 802 नमूने लिए। इनमें 390 प्रवर्तन नमूने और 412 निगरानी नमूने शामिल हैं।
विभाग ने बताया कि मावा, मिठाई, घी-तेल, दूध और मसालों के नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।
अभियान के दौरान मौके पर खराब, दूषित और अमानक पाए गए 3,463.50 किलोग्राम/लीटर खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया। इनमें 1,215 किलोग्राम मिठाई, 1,151 किलोग्राम अन्य खाद्य सामग्री, 875 किलोग्राम मावा व पनीर, 104.50 किलोग्राम घी, 73 किलोग्राम मसाले और 45 किलोग्राम/लीटर अमानक दूध शामिल है।
इसके अलावा, मिलावट की आशंका वाली 1,870 किलोग्राम/लीटर खाद्य सामग्री को जब्त कर सील किया गया। इसमें 1,449 किलोग्राम संदिग्ध घी और 421 किलोग्राम अन्य खाद्य सामग्री शामिल है।
विभाग के अनुसार, जब्त खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत