(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने की घटना को लेकर भवन की मालकिन और वायुसेना से सेवानिवृत्त उनके पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, संबंधित एजेंसियों ने इलाके में बचाव अभियान पूरा कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान उर्मिला गुप्ता (75), उनके 81 वर्षीय पति हरिराम गुप्ता और 52 साल के बेटे महेश गुप्ता के तौर पर हुई है।
पुलिस ने बताया कि हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने पहले यह बताया था कि भवन के मालिक हरिराम गुप्ता हैं।
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर है, जबकि इसका प्रबंधन और संचालन हरिराम गुप्ता तथा उनके पुत्र महेश गुप्ता द्वारा किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं और इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन उनके नाम पर हैं।
पुलिस ने बताया कि महेश गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है तथा उसके दो बच्चे हैं।
अधिकारी ने कहा कि पीजी संचालकों और श्रमिक ठेकेदार की तलाश की जा रही है। मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह इमारत रविवार अपराह्न करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) आवास था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया है, जिनमें से सात की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि मृतकों के परिजनों को उनके शव सौंप दिए गए हैं।
जांच के तहत पेइंग गेस्ट आवास चलाने और बेसमेंट में चल रहे नवीकरण कार्य में परिवार की भूमिका की छानबीन की जा रही है। बेसमेंट में चल रहे नवीकरण कार्य ही संभवतः इमारत के ढहने का कारण बना।
पुलिस ने बताया कि संबंधित एजेंसियों द्वारा बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से सारा मलबा हटा दिया गया है और उसमें से कोई और दबा हुआ व्यक्ति नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि शाम पांच बजकर 10 मिनट पर खोज अभियान बंद कर दिया गया और सभी टीम वापस बुला ली गईं।
दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सहित एजेंसियों ने करीब 27 घंटे तक खोज एवं बचाव अभियान चलाया।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, हरिराम गुरुग्राम के सेक्टर-23 के रहने वाले हैं और उनका एक और बेटा है, जो पायलट है।
परिवार के पड़ोसियों के मुताबिक, इमारत के ढहने की खबर आते ही परिवार घर छोड़ कर चला गया था और उनके घर पर ताला लग गया था और महेश की पेंट की दुकान, 'हरि पेंट्स', घटना के कुछ ही घंटों के भीतर बंद हो गई।
एक पड़ोसी ने दावा किया कि हरिराम के पास गुरुग्राम में कम से कम चार और संपत्तियां हैं, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें सत्य निकेतन की इमारत के बारे में कुछ नहीं पता था।
एक सूत्र ने कहा कि पुलिस महेश की रिमांड की मांग कर सकती है, जो पीजी के दिन-प्रतिदिन के कार्यों को संभाल रहा था।
पुलिस इन दावों की भी पुष्टि कर रही है कि क्या इमारत को पिछले साल सील कर दिया गया था। हालांकि, दिल्ली नगर निगम ने इस बात से इनकार किया है कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई थी।
एक पुलिस सूत्र ने कहा कि लगभग 55 वर्ग मीटर में फैली संरचना में कोई खंभा और बीम नहीं था।
सूत्र ने कहा कि किराये के समझौते की एक प्रति भी पुलिस जांच के दायरे में है, जिसमें मालिक को जिम्मेदारी से मुक्त करने वाला एक खंड शामिल है।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या परिवार क्षेत्र में किसी अन्य पीजी का मालिक है या उसका संचालन करता है।
पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप