नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को अधिकारियों को ‘पीजी’ की मौजूदगी वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया। यह निर्देश खासकर उन इमारतों के लिए है जिन्होंने प्रथम दृष्टया इमारत की ऊंचाई से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। लोकनिवास ने यह जानकारी दी।
लोक निवास द्वारा जारी एक ‘नोट’ के अनुसार, संधू ने मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) वाले स्थानों पर सभी इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट एक हफ्ते के भीतर की जाए।
सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने की घटना के बाद, उपराज्यपाल संधू ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मिलकर सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की।
लोक निवास ने कहा, ‘‘जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त, एमसीडी के उपायुक्त की समितियां पीजी में रहने वाले छात्रों से खुद संपर्क करेंगी और उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुनेंगी। छात्रों का एक पूरा डेटाबेस तैयार किया जाएगा।’’
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘बिना सोचे-समझे सीलिंग की कार्रवाई से घबराहट फैलेगी और छात्र बेघर हो जाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘उन जगहों पर जांच अभियान चलाया जाना चाहिए जहां छात्र पीजी में रह रहे हैं और जिन्होंने प्रथम दृष्टया इमारत की ऊंचाई और तल से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।’’
उपराज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी आपदा की स्थिति में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) नियंत्रण कक्ष को संपर्क नंबरों के साथ तुरंत चालू किया जाए।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद एक ऐसी कमिटी की अध्यक्षता करेंगे जो संस्थागत पीजी दिशानिर्देश की समीक्षा करेगी और विश्वविद्यालयों के जरिए छात्रों के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशेगी।
उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शहरी विकास मंत्री को निर्देश दिया गया है कि वह संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक कमिटी का नेतृत्व करें, जो संस्थागत पीजी दिशानिर्देश की समीक्षा करेगी तथा विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जरिए छात्रों के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशेगी।’’
भाषा सुभाष नरेश
नरेश