नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता डेरेक ओब्रायन ने सोमवार को आरोप लगाया कि पार्टी के राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का उद्देश्य राजधानी दिल्ली में इमारत ढहने की घटना से ध्यान भटकाना है, जिसमें छात्रों की मौत हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने सोमवार को धन शोधन मामले की जांच के तहत कोलकाता, दिल्ली और रांची में सात ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने दिल्ली में हक के आवास व पार्टी कार्यालय पर भी छापा मारा।
यह जांच हक द्वारा संचालित एक उर्दू दैनिक समाचार पत्र से जुड़ी है।
हक (56) ‘अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक हैं, जो उर्दू दैनिक ‘अखबार-ए-मशरिक’ का प्रकाशन करती है।
अधिकारियों के अनुसार, ईडी का मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है, जो विधाननगर पुलिस आयुक्तालय की ओर से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
ओब्रायन ने आरोप लगाया कि छापेमारी का इस्तेमाल इमारत ढहने की घटना से लोगों का ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त महासचिव और राज्यसभा में पार्टी के नेता ओब्रायन ने एक बयान में कहा, “भाजपा जो करने की कोशिश कर रही है, उसका मकसद अपनी ‘फालतू इंजन सरकार’ के कारण दिल्ली में छात्रों की हुई मौत से ध्यान भटकाना है।”
उन्होंने कहा, “ध्यान भटकाने के लिए उन्होंने नदीमुल हक के कई ठिकानों और दिल्ली स्थित हमारे पार्टी कार्यालय पर छापेमारी की। यह नदीमुल हक का आवास है और हम इसे 15 साल से इस्तेमाल कर रहे हैं।”
भाषा जोहेब माधव
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