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एनएमसीजी ने अजनार नदी की सफाई के लिए मध्यप्रदेश के युवा की सराहना की

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने सोमवार को मध्यप्रदेश के युवा सुरेंद्र सिंह चौधरी की सराहना करते हुए कहा कि वह देश भर के लोगों को नदियों का ध्यान रखने और उनके संरक्षण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चौधरी ने अकेले ही अजनार नदी की सफाई का बीड़ा उठाया था।

एनएमसीजी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मध्यप्रदेश के छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें उनके दोस्त ‘‘बिट्टू तबाही’’ के नाम से जानते हैं, ने अजनार नदी को कचरे की परतों से भरा हुआ देखा और खुद ही उसमें उतरकर उसकी सफाई शुरू कर दी।

जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले एनएमसीजी ने कहा, ‘‘उन्होंने न तो कोई शिकायत दर्ज कराई, न कोई आवेदन दिया और न ही अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार किया। जब उन्होंने अजनार नदी में कचरों का ढेर देखा तो वह खुद नदी में उतरे और उसकी सफाई शुरू कर दी।’’

‘इंस्टाग्राम’ पर चौधरी के 17 लाख से ज़्यादा ‘फॉलोअर्स’ हैं और वह नियमित रूप से अपने तथा अपने दोस्तों के नदी सफाई अभियान के वीडियो साझा करते हैं। कई बार वह अकेले ही इस काम को करते हैं।

उन्होंने इस साल 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को यह अभियान शुरू किया था।

एनएमसीजी ने 35 सेकंड का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद के दृश्य दिखाए गए हैं। एनएमसीजी ने कहा कि चौधरी के प्रयासों से अन्य लोग भी आगे आकर इस काम में योगदान देने के लिए प्रेरित हुए हैं।

एनएमसीजी ने कहा, ‘‘एक युवा की उस शांत और बिना किसी दिखावे वाली पहल की गूंज अब नदी के किनारे से कहीं आगे तक पहुंच चुकी है। उनकी कहानी ने देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, इसलिए नहीं कि यह कोई नाटकीय घटना थी, बल्कि इसलिए कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी थी। यह उस भावना को सामने लाती है, जिसे हममें से कई लोग महसूस तो करते हैं, लेकिन उस पर अमल कम ही कर पाते हैं।’’

एनएमसीजी ने कहा कि भारत में नदियों के लिए संसाधनों या नीतियों की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत चौधरी जैसे और अधिक युवाओं की है, जो झुककर कचरा उठाने और खुद काम शुरू करने के लिए तैयार हों।

एनएमसीजी ने कहा, ‘‘उनका उदाहरण अब देश के लोगों को नदियों की देखभाल करने, जागरूक होने और अपने स्तर पर योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है। ऐसे समय में जब जल सुरक्षा हमारे दौर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, प्रेरणा की यह लहर उतनी ही महत्वपूर्ण हो सकती है जितना कि खुद सफाई का काम।’’

एनएमसीजी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘अब किसी और के आने का इंतजार करना विकल्प नहीं है।’’ इसके साथ साझा किए गए वीडियो में अलग-अलग स्थानों पर लोग सफाई अभियान चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

भाषा आशीष रंजन

रंजन