नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को 9,280 करोड़ रूपये के रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड घोटाले के मामले में रिलायंस एडीए समूह के तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। एजेंसी ने एक बयान में यह जानकारी दी।
यह ताजा कार्रवाई कंपनी के समूह प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कैपिटल के मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कंपनी सचिव रमेश शेनॉय के खिलाफ की गई है।
एजेंसी ने मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में 14 और संस्थाओं के नाम शामिल किए।
बयान में एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा, “सीबीआई ने आज रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें रिलायंस एडीए समूह के तीन अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है—रिलायंस एडीए समूह के समूह प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला, आरसीएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित बापना और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कंपनी सचिव रमेश शेनॉय।”
सीबीआई की आरोपियों की सूची में आठ कंपनियां भी शामिल हैं—रिलायंस पावर लिमिटेड, बिग फ्लिक्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कुंजबिहारी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड।
प्रवक्ता ने बयान में कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े छह बैंक अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
कंपनी की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
प्रवक्ता ने कहा, “आरोपियों के खिलाफ भादंसं के तहत आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के अपराधों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराधों के लिए आरोपपत्र दाखिल किया गया है।”
सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि अब तक की जांच से पता चला है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा उधार ली गयी धनराशि में से 6,229.54 करोड़ रुपये कथित तौर पर बिचौलियों और माध्यम संस्थाओं के जरिए रिलायंस एडीए समूह की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट की गयी।
सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कंसोर्टियम में शामिल दूसरे सरकारी बैंकों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया; इन बैंकों को कथित तौर पर 9,280 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
सीबीआई ने कहा, “इस मामले में पहला आरोपपत्र सात जुलाई 2026 को सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया था। मौजूदा पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के साथ ही, अब तक इस मामले में कुल 24 आरोपियों (जिनमें व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं) के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।”
भाषा प्रशांत माधव
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