(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पुलिस की ओर से ड्यूटी में लापरवाही की बात मानते हुए, समसेरगंज इलाके में एक बीड़ी श्रमिक की हत्या की जांच के सिलसिले में मुर्शिदाबाद के पांच अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की।
अट्ठाइस अगस्त को भाजपा कार्यकर्ता सुजीत मंडल (36) लापता हो गए थे। उनके घर पर फिरौती के लिए फ़ोन आया। बाद में उनके शरीर के क्षत विक्षत हिस्से मिले।
इस घटना के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस को शक है कि यह मामला पैसों के लेन-देन के विवाद से जुड़ा है।
यहां राज्य सचिवालय 'नबान्न' में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में घोषणा की कि यह मामला राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, उनमें जांगीपुर के पुलिस अधीक्षक सुरिंदर सिंह, फरक्का के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) शेख शम्सुद्दीन और स्थानीय समसेरगंज थाने के अधिकारी शामिल हैं।
उन्होंने सुजीत मंडल के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और उनकी पत्नी सुमोना को होम गार्ड की नौकरी देने की भी घोषणा की, बशर्ते वह इसे स्वीकार करने के लिए सहमत हों और इस पद के लिए ज़रूरी न्यूनतम योग्यताएं पूरी करती हों।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ सुजीत की जिस बेरहमी से हत्या की गई — जिसमें शरीर के अंगों को काटने के लिए जानवरों की खाल उतारने वाले औज़ारों का इस्तेमाल किया गया — उसने हरगोबिंद दास और चंदन दास की हत्याओं की यादें ताज़ा कर दीं (जिनकी हत्या मुर्शिदाबाद में अप्रैल 2025 में वक्फ़ संशोधन विरोधी हिंसा के दौरान उसी इलाके में की गई थी)।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ दो दिन पहले मेरे ध्यान में आने के बाद हमने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण हमें इसकी जानकारी देर से मिली। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह सचिव ने रविवार को व्यक्तिगत रूप से इस मामले के बारे में पूछताछ की। हालांकि सुजीत के परिवार वालों ने सही समय पर पुलिस को सूचित किया था, लेकिन स्थानीय पुलिस का रवैया असहयोगात्मक पाया गया।’’
इस प्रेसवार्ता में गृह सचिव संघमित्रा और पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीर्ष नौकरशाह और शीर्ष पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने धुलियान पुलिस चौकी के प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक सुमंत कुमार दास और समसेरगंज थाने के दूसरे अधिकारी उपनिरीक्षक सैफुल आलम को निलंबित करने का फ़ैसला किया है।
उन्होंने कहा कि उसी थाने के प्रभारी सुब्रत घोष को पुलिस लाइन्स भेज दिया जाएगा और डीजीपी उनके खिलाफ़ जांच शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि थाने के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति की घोषणा की जाएगी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम फरक्का के एसडीपीओ शम्सुद्दीन का सज़ा के तौर पर तबादला कर रहे हैं, जबकि जंगीपुर पुलिस ज़िले के पुलिस अधीक्षक सुरिंदर सिंह को गृह विभाग की ओर से चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने मामले को सीआईडी को सौंपने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा, ‘‘आरोपियों को सिर्फ़ गिरफ़्तार करना ही काफ़ी नहीं है। हिरासत में उनसे ठीक से पूछताछ की जानी चाहिए ताकि उन्हें अदालत में दोषी ठहराया जा सके और कड़ी से कड़ी सज़ा दी जा सके।’’
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश