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दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: कटनी के 19 वर्षीय छात्र अक्षत की मौत, आईएएस बनना था लक्ष्य

कटनी (मध्यप्रदेश), सात सितंबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने से मारे गए सात लोगों में मध्यप्रदेश के कटनी निवासी 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव भी शामिल हैं। अक्षत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनने का सपना लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे।

कटनी के तुलसी नगर क्षेत्र की दुबे कॉलोनी निवासी अक्षत हाल ही में रक्षाबंधन के अवसर पर घर आए थे। छोटी बहन से राखी बंधवाने के दो दिन बाद वह वापस दिल्ली लौट गए थे।

पड़ोसियों ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद अक्षत के माता-पिता, छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य सोमवार को दिल्ली पहुंचे। शव की पहचान करने के बाद वे एंबुलेंस से सड़क मार्ग के जरिए कटनी के लिए रवाना हो गए हैं। उनके देर रात या मंगलवार तड़के तक कटनी पहुंचने की संभावना है।

अक्षत के बचपन के मित्र और नर्सरी से 12वीं तक उनके साथ पढ़े कृष्णा रजक ने 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत में बताया कि अक्षत ने पिछले वर्ष कॉमन यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) उत्तीर्ण की थी और दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे।

रजक ने कहा, “अक्षत पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था। जब भी उनसे बात होती थी तो वह हमेशा अपनी तैयारी के बारे में चर्चा करते थे।”

उन्होंने बताया कि अक्षत हाल ही में रक्षाबंधन पर कटनी आए थे, लेकिन किसी कारणवश उनसे मुलाकात नहीं हो सकी थी।

रजक ने कहा, “जब से हादसे की जानकारी मिली है, अक्षत के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे ज्यादा दुखी उनकी छोटी बहन है, जिससे अक्षत बहुत प्यार करते थे।”

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में जिस इमारत में अक्षत किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, वह रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई थी। इस इमारत में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास संचालित था।

हादसे के बाद मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें अक्षत समेत सात लोगों की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद कटनी स्थित अक्षत के घर पर स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। पड़ोसी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि रविवार शाम जानकारी मिली थी कि दिल्ली में गिरी इमारत में अक्षत भी रहते थे।

उन्होंने बताया कि हादसे की सूचना मिलने के समय अक्षत के पिता राजस्थान में थे, जहां से वह कुछ रिश्तेदारों के साथ दिल्ली रवाना हुए। वहीं स्थानीय पार्षद और परिवार के कुछ करीबी लोग अक्षत की मां और बहन को लेकर दिल्ली पहुंचे।

त्रिपाठी ने बताया कि अक्षत के परिजन काफी देर तक उनकी तलाश करते रहे, लेकिन बाद में एक परामर्श केंद्र से उन्हें सही जानकारी मिली। परिजनों ने शरीर पर मौजूद एक निशान के आधार पर अक्षत की पहचान की।

उन्होंने बताया कि अक्षत के पिता भवन निर्माण के काम से जुड़े हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिजनों के मंगलवार तड़के तक कटनी पहुंचने की संभावना है।

भाषा

सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत