कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ नीति की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कोलकाता स्थित आलिया विश्वविद्यालय को राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की घोषणा की।
शुभेंदु ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अधिक समानता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के सभी शिक्षण संस्थानों के लिए एक समान नीति होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आलिया विश्वविद्यालय को भी राज्य के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के दायरे में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक समान ढांचे के तहत संस्थानों के प्रशासन और कामकाज को व्यवस्थित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शुभेंदु ने कहा, “आलिया विश्वविद्यालय बना रहेगा लेकिन यह उच्च शिक्षा विभाग के अधीन काम करेगा। हम राज्य में किसी समानांतर शिक्षा व्यवस्था की अनुमति नहीं देंगे। सभी संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के दायरे में रहेंगे और ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ नीति का पालन करेंगे।”
उन्होंने यह बात सचिवालय में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन में बेहतर समन्वय और एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा विद्यार्थियों की उत्कृष्टता का मूल्यांकन केवल उनकी योग्यता के आधार पर किया जा सकेगा।
भाषा जितेंद्र नरेश
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