गुवाहाटी, सात सितंबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की राज्य की पहली यात्रा 'बेहद महत्वपूर्ण' है, क्योंकि यह शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति और देश के भविष्य को आकार देने में नयी पीढ़ी की भूमिका के प्रति उनके गहरे विश्वास को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन छह से नौ सितंबर तक असम, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर हैं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने एक कार्यक्रम में राधाकृष्णन की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों के बीच उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना, युवाओं को नशे से दूर रखना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना जैसी उनकी पहल असम और पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगी।
इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय के लिए 110 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा विकास परियोजना की आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय का वास्तविक मूल्यांकन उससे पैदा होने वाली बौद्धिक संपदा और छात्रों में विकसित मूल्यों से होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की है। उपराष्ट्रपति ने इस परियोजना के पहले चरण की 110 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना की आधारशिला रखी, जिसमें शैक्षणिक भवन, छात्रावास और आवासीय परिसर शामिल हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि वह शेष 140 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्रस्ताव जल्द से जल्द भेजे, ताकि चालू वित्त वर्ष में ही उन्हें मंजूरी दी जा सके।
शर्मा ने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय के स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गुवाहाटी विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र होने पर बेहद गर्व है और असम के लोगों की भावनाएं इस संस्थान से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि पाठ्यक्रम में जापानी, अंग्रेजी और जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं को शामिल कर छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि गुवाहाटी विश्वविद्यालय को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ‘‘डेटा माइनिंग’’ और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध के लिए एक आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि गुवाहाटी विश्वविद्यालय ऐसे युवाओं की एक पीढ़ी तैयार करेगा, जो 2047 तक असम को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का सपना देखेंगे और उसे साकार करने की दिशा में काम करेंगे।
भाषा तान्या अविनाश
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