Breaking News

BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |   पूर्व वेनेजुएला फर्स्ट लेडी ने मांगी जेल से रिहाई, दिल की बीमारी का दिया हवाला     |   तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप, तड़के सुबह महसूस हुए झटके     |   दिल्ली में IGL का अभियान, CNG सिलेंडरों के हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की होगी जांच     |   BRICS समिट से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी     |  

वाल्मीकि कॉरपोरेशन 'घोटाला': ईडी ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से पूछताछ की

बेंगलुरु, सात सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाल्मीकि कॉरपोरेशन के धन की कथित हेराफेरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में सोमवार को कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी. नागेंद्र का बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विधायक का बयान यहां ईडी के दफ्तर में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।

इससे पहले, संघीय जांच एजेंसी ने बेल्लारी ग्रामीण से कांग्रेस विधायक नागेंद्र से इस मामले में पूछताछ की थी और जुलाई 2024 में उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ का यह नया दौर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं और जून में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा इस मामले में दाखिल आरोप पत्र की सामग्री से जुड़ा माना जा रहा है।

करीब 89 करोड़ रुपये के वाल्मीकि कॉरपोरेशन ‘‘घोटाले’’ में कथित तौर पर शामिल होने के आरोपों को लेकर विपक्ष के दबाव के चलते, विधायक ने अगस्त के आखिर में दूसरी बार कर्नाटक मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

मामला सामने आने के बाद उन्होंने 2024 में भी इस्तीफा दिया था और बाद में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उन्हें जमानत मिल गई।

दूसरी बार इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने विपक्षी पार्टी भाजपा पर कथित वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले के बारे में ‘‘झूठ फैलाने’’ का आरोप लगाया।

नागेंद्र ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस सरकार और पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया।

वाल्मीकि कॉरपोरेशन का मामला उस वक्त सामने आया, जब मई 2024 में इसके अकाउंट अधिकारी चंद्रशेखरन पी ने आत्महत्या कर ली और एक पत्र छोड़ा, जिसमें बिना इजाजत पैसे अन्य बैंक खाते में भेजने का आरोप लगाया गया था।

भाषा सुभाष माधव

माधव