Breaking News

BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |   पूर्व वेनेजुएला फर्स्ट लेडी ने मांगी जेल से रिहाई, दिल की बीमारी का दिया हवाला     |   तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप, तड़के सुबह महसूस हुए झटके     |   दिल्ली में IGL का अभियान, CNG सिलेंडरों के हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की होगी जांच     |   BRICS समिट से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी     |  

सागर जहरीली शराब कांड को गुजरात त्रासदी से जोड़ कांग्रेस ने लगाया अंतरराज्यीय शराब नेटवर्क का आरोप

भोपाल, सात सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई 12 लोगों की मौत को गुजरात में पिछले महीने हुई शराब त्रासदी से जोड़ते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि अंतरराज्यीय अवैध शराब नेटवर्क संचालित हो रहा है और शराब माफिया को संरक्षण मिल रहा है।

सागर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बांदा तहसील के दो गांवों में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 54 अन्य लोग बीमार हुए थे।

पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद 30 आरोपियों में से 14 को गिरफ्तार कर लिया है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस मामले के तार पड़ोसी उत्तर प्रदेश से जुड़े हो सकते हैं, जहां सस्ती शराब के कारण सीमा पार से लोग रोजाना खरीदारी करते हैं।

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बयान में कहा कि गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से हुई 13 लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों का संबंध मध्यप्रदेश से था, जबकि सागर में बेची गई जहरीली शराब कथित रूप से पड़ोसी उत्तर प्रदेश से तस्करी कर लाई गई थी।

उन्होंने कहा कि गुजरात पुलिस ने भावनगर मामले में उज्जैन निवासी मुख्य आरोपी रईस को गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के एक अन्य निवासी नरेंद्र सिंह यादव उर्फ ‘डॉक्टर’ की भी कथित रूप से नकली शराब तैयार करने में भूमिका थी।

सिंघार ने मांग की कि सागर जहरीली शराब मामले की जांच व्यापक अंतरराज्यीय शराब नेटवर्क और गुजरात मामले से उसके संभावित संबंधों को ध्यान में रखकर की जाए।

उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से कथित रूप से पहुंची जहरीली शराब पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी के बावजूद सागर तक कैसे पहुंच गई।

कांग्रेस नेता ने शराब की पूरी आपूर्ति, बोतलबंदी, लेबलिंग, परिवहन और वितरण व्यवस्था की जांच की मांग की।

सिंघार ने रविवार को सागर के प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस त्रासदी ने राज्य में सक्रिय अवैध शराब नेटवर्क को उजागर किया है और सवाल किया कि इसे संरक्षण कौन दे रहा है।

उन्होंने कथित रूप से ‘सागर गोल्ड’ नामक शराब ब्रांड की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस ब्रांड की बोतलों पर डीसीआर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम महोर, सागर जिले का पता अंकित है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मामले में ‘बंबईया व्हिस्की’ नामक एक अन्य ब्रांड का नाम भी सामने आया है और जांच को केवल एक ब्रांड तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।

सिंघार ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब को नामी ब्रांड की बोतलों में भरकर सस्ते दामों पर बेचा जा रहा था, जिससे अवैध बाजार तैयार हो गया है। उन्होंने दावा किया कि शराब ठेकेदारों ने पहले भी शराब माफिया के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने आबकारी विभाग के उस आदेश में बदलाव पर भी सवाल उठाया, जो ‘सागर गोल्ड’ ब्रांड से संबंधित था।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि छह सितंबर को जारी एक आदेश में इस ब्रांड की बिक्री पूरी तरह रोकने और उपलब्ध स्टॉक को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उसी दिन जारी संशोधित आदेश में कहा गया कि यह ब्रांड बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है और आगे कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।

सिंघार ने सरकार से मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकतर गरीब मजदूर थे और वे अपने परिवारों के कमाने वाले सदस्य थे।

सरकार ने इस त्रासदी में मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

भाषा

दिमो रवि कांत